चरखी दादरी पुलिस की अपराध शाखा और बौंद कलां थाना टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी और उद्घोषित बदमाश अमरजीत उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

पुष्पेंद्र कुमार,चरखी दादरी। जिला अपराध शाखा और थाना बौंद कलां पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने चर्चित बौंद कलां हत्याकांड के मुख्य आरोपी और राजस्थान से 25 हजार रुपये के इनामी व हिसार से उद्घोषित अपराधी अमरजीत उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। गांव बौंद कलां निवासी अमरजीत पर हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लूट, डकैती, हत्या और फिरौती जैसे करीब 11 संगीन मामले दर्ज हैं।

पुलिस टीम को मिली बड़ी कामयाबी

पुलिस प्रवक्ता योगेश ने बताया कि 10 और 11 मई 2026 की दरमियानी रात को गांव बौंद कलां में ललित नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजकुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। घायल ललित को इलाज के लिए पीजीआईएमएस (PGIMS) रोहतक ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों द्वारा निकाला गया बुलेट व कपड़े कब्जे में लिए।

पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम

मृतक के भाई नवीन आर्य, जो हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं, की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, 10 मई की रात दो मोटरसािकिलों पर सवार होकर जितेंद्र उर्फ जीतू, अजीत उर्फ बुचा, नितिन उर्फ कालिया और सतेंद्र उर्फ लीला आए थे और सतेंद्र के इशारे पर जितेंद्र ने ललित के सिर में पीछे से गोली मार दी थी। साल 2010-11 में भी ललित पर जानलेवा हमला हुआ था और इसी पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया गया।

आरोपियों को शरण देने वाले भी गिरफ्तार

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के दोलिया टोल प्लाजा से महत्वपूर्ण फुटेज हासिल की, जिससे पता चला कि आरोपियों को राजस्थान में शरण मिली थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पनाह देने के आरोप में छाजू सिंह और आर्थिक सहायता व शरण देने के आरोप में अजीत के भाई अर्जुन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लगातार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही थी जिसके बाद शनिवार को अमरजीत को नियम अनुसार गिरफ्तार किया गया।

कल्याणा पहाड़ से पिस्तौल और कारतूस बरामद

पूछताछ के दौरान आरोपी अमरजीत उर्फ मोनू ने खुलासा किया कि उसने वारदात में इस्तेमाल हथियार कल्याणा पहाड़ में छिपाए हैं। पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर कल्याणा पहाड़ से एक देसी पिस्तौल ब्रेटा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए। इस बरामदगी के दौरान आरोपी अमरजीत ने पुलिस को धक्का देकर पहाड़ से नीचे कूदकर भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दोबारा काबू कर लिया।

आरोपी अमरजीत भेजा गया न्यायिक हिरासत में

गिरफ्तारी के बाद आज रविवार को आरोपी अमरजीत को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने बताया कि इस चर्चित हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच प्रक्रिया लगातार जारी है। पुलिस इस मामले से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है और जल्द ही वारदात में शामिल सभी बचे हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।