जांजगीर-चांपा। स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर सवाल उठाने वाली शासकीय हाईस्कूल तुलसी की व्याख्याता (एलबी) निर्मला कोमल लहरे को लोक शिक्षण संचालनालय ने निलंबित कर दिया है। 3 सितंबर को जारी आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभाग ने वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में की गई कथित अशोभनीय टिप्पणियों को कार्रवाई का आधार बताया है।

दरअसल, ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षिका निर्मला कोमल लहरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जब शिक्षकों की उपस्थिति ऐप के जरिए दर्ज की जा रही है तो अधिकारियों और कलेक्टर की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज होनी चाहिए।

शिक्षकों की परेशानी का उठाया मुद्दा

वायरल वीडियो में शिक्षिका ने कहा था कि ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचना पड़ता है। इसके लिए उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया था कि समय पर स्कूल पहुंचने की कोशिश में शिक्षक कई बार हादसों का भी शिकार हो जाते हैं।

उन्होंने सरकार से शिक्षकों पर ऐप के जरिए निगरानी करने के बजाय दूसरे विभागों की व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की बात कही थी। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने उन्हें हटाने की मांग भी की थी।

शिक्षिका ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को भी जनता की निगरानी के लिए सार्वजनिक करने की अपील की थी। वीडियो में उन्होंने कहा था कि वह अपनी बात कहने से डरेंगी नहीं। व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर उन्होंने सरकार को अगले चुनाव में सत्ता से बाहर होने के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी थी।

देखें VIDEO

विभाग ने कहा- शासन की छवि धूमिल हुई

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शिक्षिका के निलंबन आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा के 2 सितंबर के पत्र के आधार पर कार्रवाई की गई। आदेश में कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 के वायरल वीडियो में निर्मला कोमल लहरे ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए आलोचना की और वीडियो को मीडिया में प्रसारित किया।

विभाग ने उनके इस कृत्य को पदीय दायित्वों के विरुद्ध बताते हुए शासन और विभाग की छवि धूमिल करने वाला माना है। आदेश में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार बताया गया है।

कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं माना संतोषजनक

विभाग के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब में शिक्षिका ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया था। विभाग ने इस स्पष्टीकरण को संतोषजनक और समाधानकारक नहीं पाया। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।

लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

DEO कार्यालय होगा निलंबन अवधि का मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H