अकाल तख्त साहिब में बड़े सादगी के साथ नजर आए। उन्होंने अपना स्पष्टीकरण दिया। सिख सिद्धांतों और संस्थाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में श्री अकाल तख्त से तलब किए गए थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को श्री अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कभी भी अकाल तख्त को चुनौती नहीं दी और न ही ऐसा करने का उनका कोई इरादा है। उन्होंने कहा, अकाल तख्त सर्वोच्च है और मैं एक विनम्र सिख के रूप में यहां आया हूं।”मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने बयानों और शिकायतों को लेकर लिखित स्पष्टीकरण जत्थेदार को सौंपा है।
उनके अनुसार, लगभग 25 हजार पन्नों की शिकायतें और साक्ष्य अकाल तख्त को दिए गए हैं, जिन्हें जांच के बाद परखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि लापता स्वरूपों के मामले की जांच के पीछे कोई राजनीति नहीं है।

मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर भी पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो फर्जी या एआई से तैयार किया गया है। उन्होंने जत्थेदार से कहा कि इसकी फॉरेंसिक जांच राज्य या देश की किसी भी प्रयोगशाला से कराई जा सकती है।
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