ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा खनन निगम (OMC) के 71वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होकर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने खनन प्रभावित और विस्थापित क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद एक खनन क्षेत्र से आते हैं, इसलिए वहां के लोगों की तकलीफों और दर्दभरी कहानियों को अच्छी तरह समझते हैं। खनन क्षेत्रों में उड़ने वाली धूल के कारण लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, इसीलिए उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए प्रभावित इलाकों में ‘मेगा हेल्थ कैंप’ आयोजित करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने ओएमसी को दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी खदानें (Private Mines) सौ फीसदी मशीनों से काम कर रही हैं, लेकिन वे खनन से विस्थापित हुए लोगों को भूल जाती हैं। जो लोग देश के विकास के लिए अपनी मातृभूमि के नीचे मौजूद खनिज संपदा सौंप देते हैं, उनके आर्थिक और सामाजिक विकास पर विभाग को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज भी उन लोगों की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओएमसी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ओएमसी ने 45 मिलियन टन खनिज सामग्री का उत्पादन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2026 के अंत तक इस उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 100 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है।ओएमसी हमेशा सुख-दुख में राज्य सरकार के साथ एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर खड़ी रही है।

पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ओएमसी द्वारा हर 10 मीट्रिक टन खनन के बदले एक पेड़ लगाया जा रहा है। आगामी वर्ष में खनन क्षेत्रों में व्यापक हरियाली लाने के उद्देश्य से 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में काफी मददगार साबित होगा।

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