लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। सीएम ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई , आईएससी-आईसीएससी बोर्ड के मेधावी छात्रों को एक-एक लाख रुपये का चेक और टैबलेट प्रदान किया।

सीएम ने छात्रों को किया सम्मानित

इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि ‘सा विद्या या विमुक्तये’ दुनिया की सबसे समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक धरोहर भारत की पहचान रही है। आज मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान भी उसी गौरवशाली परंपरा का विस्तार है। दो-वर्ष तीन वर्ष के बच्चों को मोबाइल पकड़ाना अनुचित है। उन्हें थोड़ा अन्य रचनात्मक विकास वाले कार्यों से जोड़िए।

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सीएम योगी ने विपक्ष पर बोल हमला

सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि बीते नौ साल से प्रदेश में नकल-विहीन परीक्षाएं हो रही है। आज से नौ वर्ष पूर्व यह संभव नहीं था, तब मेरिट-डीमेरिट का पता ही नहीं था। जम्मू-कश्मीर के छात्र पूर्वी यूपी के कुछ जिलों से फार्म भरते थे। नाम किसी और का परीक्षा में कोई और बैठता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। अब व्यवस्था इतनी दुरूस्त है कि यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद 14 से 15 दिनों में ही 56 लाख विद्यार्थियों का परीक्षा संपन्न करा देती है। परिणाम भी जल्द आ जाते है।

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सीएम ने योगी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा विभाग की केंद्र एवं राज्यस्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों एवं प्रधानाचार्यों के सम्मान हेतु आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। सभी अभिभावकों एवं प्रधानाचार्यों का अभिनंदन एवं देश की युवा ऊर्जा के प्रतीक छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।