भारत की राजधानी दिल्ली में 16वीं BRICS में शामिल होने के लिए आज कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा लगा है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हैं. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में हिस्सा लिया. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एनएसए अजित डोभाल से भी मुलाकात की. विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में ब्रिक्स एनएसए बैठक में भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को चीन के समर्थन की बात कही.
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना और भारत-चीन सीमा विवाद को उसकी उचित सीमा में रखना अनिवार्य है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और रिश्तों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया में हुई प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी देश हैं और ग्लोबल साउथ की प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं.

वांग यी और अजित डोभाल दोनों भारत-चीन सीमा विवाद पर अपने-अपने देशों के विशेष प्रतिनिधि भी हैं. वांग ने कहा कि भारत, चीन का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है और दोनों देशों के संबंध अब सुधार और पुनर्बहाली के रास्ते पर लौट आए हैं.
उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों के रूप में भारत और चीन को न केवल दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अपने संबंधों को देखना चाहिए, बल्कि वैश्विक नजरिए से भी दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए.
बताते चले कि भारत 22-23 जून 2026 को ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी कर रहा है जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं. चीन की मीडिया के अनुसार दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और रिश्तों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया में हुई प्रगति पर चर्चा की.
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