कुंदन कुमार, पटना। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मिलने वाली धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर सुरक्षा खतरे के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ है, जिसके बाद उनके निजी सचिव ने तुरंत गृह विभाग को पत्र लिखकर कड़े कदम उठाने की मांग की है।
धमकी भरे पत्र और गंभीर संदेश के मुख्य बिंदु
प्राप्त धमकी भरे और अनाम संदेश में सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री को निशाना बनाया गया है। पत्र में दो संदिग्ध मोबाइल नंबर भी दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच एजेंसियां तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं। संदेश में लिखा गया है कि आपको जल्द ही कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा। इस तरह की खुली धमकी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरी चिंता का माहौल है।

मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
चिराग पासवान को वर्तमान में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जेड (Z) श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा प्राप्त है। इसके बावजूद इस तरह के गंभीर इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह सचिव को फौरन इस घटना की पूरी जानकारी दी गई है। निजी सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत करने का अनुरोध किया गया है।
जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
लोजपा (रामविलास) के नेतृत्व और कार्यालय की ओर से प्रशासन पर कार्रवाई करने का दबाव बनाया जा रहा है। पत्र में मांग की गई है कि धमकी देने वाले अज्ञात शख्स की तुरंत पहचान की जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, इस धमकी के स्रोत, संदेश की प्रमाणिकता और इसके पीछे छिपी किसी भी संभावित साजिश की गहराई से जांच करने की बात कही गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब उन दोनों मोबाइल नंबरों और पत्र भेजने वाले तक पहुंचने के लिए हरसंभव सुराग तलाश रही हैं ताकि मंत्री की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।



