CJP Funding: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी द्वारा CJP नेतृत्व के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित फंडिंग पर सवाल उठाने के बाद राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने भी मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सामने आई जानकारियों के आधार पर यह जांच होना जरूरी है कि इस अभियान के लिए धन कहां से आया।

मदन राठौड़ ने क्या कहा?

मदन राठौड़ ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी जानकारियां सामने आई हैं कि बांग्लादेश और कुवैत जैसे देशों से खाने की बुकिंग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मोबाइल फोन रिपेयर का काम करने वाले एक व्यक्ति ने प्रतिदिन ₹10 लाख का भोजन उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा, यह फंडिंग कहां से आ रही है? यह एक जायज सवाल है और इसकी जांच होनी चाहिए।

महेश जेठमलानी ने क्या सवाल उठाए?

महेश जेठमलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CJP नेताओं का एक वीडियो साझा करते हुए पूछा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रा, भोजन, ठहरने और अन्य खर्चों का वित्तपोषण कौन कर रहा है। उन्होंने पोस्ट में सवाल किया कि दिल्ली में लंबे समय तक चले आंदोलन के लिए आर्थिक संसाधन कहां से आए और इसकी जांच होनी चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी बोले मदन राठौड़

मदन राठौड़ ने कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस पूरे विवाद में कोई व्यक्तिगत दोष नहीं था। उनके अनुसार, छात्रों के आंदोलन के बीच राजनीतिक माहौल बनाया गया, जबकि धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं इस्तीफा देकर जवाबदेही का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही परीक्षा प्रणाली में सुधार के पक्षधर रहे हैं और सरकार सख्त कानून तथा नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है।

सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए उठाए कदम

राठौड़ ने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। साथ ही पेपर लीक जैसे मामलों पर कड़ी सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान करने वाले कानून की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पढ़ें ये खबरें