चंकी बाजपेयी, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में करोड़ों रुपए की सौगात दी। दशहरा मैदान में आयोजित ‘संकल्प से समाधान अभियान’ में सीएम ने अमृत 2.0 योजना के तहत मां नर्मदा की 1326 करोड़ से चौथे चरण का भूमिपूजन किया। साथ ही 62.72 करोड़ से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश और इंदौर-उज्जैन के विकास की बातों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश चारों तरफ से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। इंदौर एक दौर है, काफी तेजी से विकास कर रहा है और इसकी विकास की गति को हमें और आगे ले जाना है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सदन में बोला था कि मां नर्मदा का जल मालवा निवाड़ में नहीं आ सकता। लेकिन हमारी सरकार ने असंभव को भी संभव करके दिखाया है और आज चौथा चरण का लोकार्पण कर दिया है।
सीएम ने कहा कि हम आने वाले 25 सालों के आगे की सोच कर चलते हैं। हमारी माता अहिल्याबाई ने मुगलों के काल में भी महेश्वर मां नर्मदा किनारे से सत्ता को संचालित कर पूरे विश्व को बता दिया था कि संस्कृति सभ्यता की ध्वजा लहराई थी। 2003 में मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने 25000 करोड रुपए का विशेष लोन के माध्यम से सरदार सरोवर का काम पूरा किया था। जिसके कारण गुजरात समृद्ध और प्रभावशाली बना और इसका लाभ हमारे मध्य प्रदेश, राजस्थान को भी पहुंचा।
सीएम ने आगे कहा कि पानी से प्यास ही नहीं बुझती है, खेत भी खिलखिला उठते हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन के रूप में उभर रहा है। एनसीआर दिल्ली के बाद अगर सबसे बड़ा एरिया है तो हमारा इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन का है। इंदौर की आबादी आने वाले समय में 65 लाख हो जाएगी, जबकि मेट्रोपॉलिटन शहर की कुल आबादी डेढ़ करोड़ हो जाएगी और उसी के लिए हमें जल की काफी आवश्यकता होगी। उद्योग, खेती और निजी काम के लिए पानी काफी मात्रा में लगेगा।
सीएम ने आगे कहा कि अमृत 2.0 की योजना के तहत मां नर्मदा के चौथे चरण की शुरुआत 1356 करोड़ की लागत से सफल होगा। संकल्प समाधान योजना एक बेहतर कार्यक्रम है जिसमें 100% जनता की शिकायत को निराकरण कर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की गई। जिसमें एक लाख 44 हजार आवेदनों का निराकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कई ऐसी योजनाओं के विषय में भी अपनी बात रखी है जो आने वाले समय में प्रदेश को और विकास के रहा पर लेकर जाएगी। लेकिन इस दौरान सबसे बड़ा चर्च का विषय मेट्रोपॉलिटन शहर का रहा क्योंकि इससे इंदौर और उज्जैन को एक बड़े शहर के रूप में उभारा जाएगा और यहां पर तमाम संसाधन और योजनाओं को लागू किया जा रहा है ताकि इसे बेहतर रूप दिया जा सके।

