पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने आधुनिक भारत के निर्माण में बाबा साहब के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
सामाजिक न्याय के महानायक को सादर नमन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और विचारक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी जयंती पर नमन करते हुए कहा कि वे सामाजिक न्याय के सच्चे पुरोधा थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए मानवता का संदेश है।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को एक ऐसी व्यवस्था दी, जहां समानता और बंधुत्व सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, बाबा साहब द्वारा रचित संविधान ही हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता को जो संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की, उसी का परिणाम है कि आज भारत एक सशक्त और एकजुट राष्ट्र के रूप में खड़ा है। उनके विचार आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
समावेशी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा
नीतीश कुमार के अनुसार, बाबा साहब के आदर्श हमें एक ऐसे समावेशी समाज के निर्माण की निरंतर प्रेरणा देते हैं, जहां धर्म, जाति या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव न हो। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के मूल मंत्र को अपने जीवन में उतारें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि डॉ. अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलकर ही हम एक विकसित और न्यायपूर्ण बिहार व भारत का सपना साकार कर सकते हैं।
प्रेरणास्रोत के रूप में बाबा साहब का जीवन
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि बाबा साहब का संघर्षपूर्ण जीवन और उनकी विद्वत्ता हर भारतवासी के लिए अटूट प्रेरणा का स्रोत है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और वैचारिक दृढ़ता के बल पर जो मुकाम हासिल किया, वह अकल्पनीय है। आज का दिन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके उच्च आदर्शों को आत्मसात करने का है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

