दिल्ली सरकार (Delhi Government) की दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Laxmi Yojna) के तहत आज 4,000 पात्र महिलाओं को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। प्रमाण पत्र मिलने के बाद लाभार्थी महिलाओं के चेहरों पर खुशी नजर आई। महिलाओं ने कहा कि योजना से उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी और घरेलू खर्चों को संभालने में राहत मिलेगी। लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि दिल्ली सरकार की इस योजना से उन्हें आर्थिक राहत और वित्तीय सहारा मिलेगा। प्रमाण पत्र मिलने के बाद कई महिलाओं ने योजना को लेकर खुशी जताई। कुछ लाभार्थियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए वादे और गारंटी अब पूरी होती दिखाई दे रही हैं। महिलाओं के मुताबिक, योजना के तहत मिलने वाली सहायता उनके लिए आर्थिक रूप से उपयोगी साबित होगी।

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं ने सरकार का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचीं लाभार्थी महिलाओं ने योजना को आर्थिक रूप से राहत देने वाली पहल बताया। कार्यक्रम में कई महिलाएं ‘धन्यवाद रेखा दीदी, धन्यवाद मोदी’ लिखी तख्तियां लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने योजना के लिए खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित होगी। लाभार्थियों का कहना है कि इस योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें घरेलू और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में राहत मिलेगी। महिलाओं ने इसे आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। दिल्ली सरकार आज दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 4,000 पात्र महिलाओं को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित कर रही है।

1 सितंबर से महिलाओं के खातों में पहुंचने लगेगी राशि

दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सरकार के मुताबिक, योजना की राशि 1 सितंबर 2026 से लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर होना शुरू हो जाएगी। इसके बाद पात्र महिलाओं को हर महीने भुगतान किया जाएगा। सरकार के अनुसार, अब तक 9 लाख से अधिक महिलाओं ने योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 6 लाख से ज्यादा महिलाओं को पात्र सूची में शामिल किया जा चुका है। सरकार की ओर से पात्रता प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद से पात्र महिलाओं में उत्साह और खुशी का माहौल है। लाभार्थियों का कहना है कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद से उन्हें अपने जरूरी खर्चों को पूरा करने में राहत मिलेगी।

9.22 लाख महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

रक्षाबंधन से पहले शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को योजना के तहत सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाली 2,500 महिलाओं को अप्रूवल सर्टिफिकेट सौंपे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना को 1 अगस्त से लागू किया गया था। अब तक 9 लाख 22 हजार महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती 2,500 पात्र महिलाओं का वेरिफिकेशन और अप्रूवल पूरा होने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वे पहली 2,500 महिलाएं हैं जिन्हें योजना का लाभ मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, योजना के तहत मिलने वाली ₹2,500 मासिक सहायता को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें ₹1,000 हर महीने वॉलेट में उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि ₹1,500 की एफडी कराई जाएगी। एफडी की राशि महिलाओं को हर तीन साल बाद मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ भविष्य के लिए बचत का लाभ भी मिलेगा।

क्यों रखा गया ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ नाम?

दिल्ली लक्ष्मी योजना के नाम को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और इसी सोच के साथ योजना का नाम ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह है कि आर्थिक सहायता के जरिए महिलाओं के घर तक लक्ष्मी पहुंचे और उन्हें आर्थिक मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि महिलाएं सिर्फ अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को भी शक्ति देती हैं। रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण से जुड़े विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है। उनके मुताबिक, जब तक महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक देश की कई समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं को आर्थिक सहारा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी एक कदम है।

रेखा गुप्ता ने गिनाईं महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की योजनाएं

दिल्ली लक्ष्मी योजना के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह उनकी सरकार ने भी अपनी योजनाओं के केंद्र में महिलाओं और बेटियों को रखा है।

‘हर बेटी होगी लखपति बिटिया’

मुख्यमंत्री ने लखपति बिटिया योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस परिवार में बेटी का जन्म होगा, उसके खाते में सरकार की ओर से राशि जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटी के ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उसे एक लाख रुपये से अधिक की राशि मिलेगी, जिससे वह अपने भविष्य को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सके।

1.30 लाख बेटियों को दी जा रही साइकिल

रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में बेटियों की आवाजाही और पढ़ाई को आसान बनाने के लिए 1.30 लाख बेटियों को साइकिल दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बेटियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइकिल देने की पहल कोई चुनावी वादा नहीं थी, बल्कि उनकी इच्छा थी कि दिल्ली की बेटियों को स्कूल जाने में आवाजाही की परेशानी न हो।

नौकरीपेशा महिलाओं के बच्चों के लिए ‘पालना’

मुख्यमंत्री ने ‘पालना’ योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके तहत मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की महिलाओं को अपने छोटे बच्चों की देखभाल की सुविधा मिलेगी, ताकि वे नौकरी या काम पर जाते समय बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रख सकें।

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