दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने ट्रीटेड सीवरेज के पानी के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए वॉटर रिक्लेम पॉलिसी (Reclaimed Water Policy) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewage Treatment Plant) से साफ किए गए पानी का इस्तेमाल पेयजल के बजाय कई गैर-पीने वाले कामों में किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, दिल्ली में करीब 750 MGD सीवेज का उपचार किया जाता है। अब ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल निर्माण कार्य, हॉर्टिकल्चर, हाउसिंग सोसायटी और फार्म हाउस में सिंचाई समेत अन्य निर्धारित गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
इससे इन कामों के लिए ताजे पानी और भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। ट्रीटेड पानी जरूरत के मुताबिक अलग पाइपलाइन नेटवर्क और टैंकरों के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की योजना इसके इस्तेमाल को व्यवस्थित करने के लिए गुणवत्ता मानक और निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी है। दिल्ली सरकार ने ट्रीटेड सीवरेज के पानी को उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की नीति को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जल संरक्षण का मतलब केवल साफ पानी की आपूर्ति बढ़ाना नहीं है, बल्कि सीवेज के उपचार के बाद मिलने वाले पानी का भी अधिकतम उपयोग करना है।
750 MGD ट्रीटेड पानी का होगा इस्तेमाल
दिल्ली में करीब 750 MGD सीवरेज का ट्रीटमेंट किया जाता है। अब इस पानी का इस्तेमाल बागवानी, निर्माण कार्य, लैंडस्केपिंग, धुलाई, औद्योगिक कूलिंग और अन्य गैर-पेय जरूरतों के लिए किया जाएगा। इससे इन गतिविधियों में पीने योग्य पानी और भूजल की खपत कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य ट्रीटेड पानी के इस्तेमाल के जरिए दिल्ली के जल संसाधनों पर दबाव घटाना है। सरकार की नीति के तहत ट्रीटेड पानी की आपूर्ति के लिए दरें भी तय की गई हैं। जल बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर या निर्धारित STP फिलिंग पॉइंट से पानी लेने पर दर ₹8 प्रति किलोमीटर होगी। वहीं, यदि उपभोक्ता खुद पानी ले जाने की व्यवस्था करता है, तो इसके लिए दर ₹5 प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है।
फार्म हाउस को ट्रीटेड पानी के लिए देना होगा चार्ज
दिल्ली सरकार की वॉटर रिक्लेम पॉलिसी के तहत फार्म हाउस में ट्रीटेड सीवरेज के पानी के इस्तेमाल पर शुल्क लगाया जाएगा। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य साफ पानी की खपत कम करना और उपचारित सीवेज के पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
हाउसिंग सोसायटी को पानी के बिल में मिल सकती है राहत
मंत्री ने बताया कि हाउसिंग सोसायटी ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल करके अपने पानी के बिल में राहत पा सकती हैं। गैर-पेय जरूरतों के लिए उपचारित पानी उपलब्ध होने से सोसायटियों की ताजे पानी पर निर्भरता कम हो सकेगी।
फार्म हाउस के लिए तय हुआ शुल्क
फार्म हाउस में ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल करने के लिए मालिकों को प्रति एकड़ ₹1 लाख का वन टाइम कनेक्शन चार्ज देना होगा। इसके अलावा पानी के इस्तेमाल के लिए ₹10 हजार प्रति एकड़ प्रति माह शुल्क निर्धारित किया गया है।
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