लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (9 सितंबर 2026) को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. लोकभवन प्रांगण में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पं. पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रख्यात अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए समर्पित किया. योगी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में पं. पंत ने सक्रिय भूमिका निभाई.

काकोरी मामले में क्रांतिकारियों की पैरवी

सीएम योगी ने पंडित पंत की अधिवक्ता के रूप में भूमिका का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे. उनकी पैरवी करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल थे. उन्होंने कानून के क्षेत्र में भी राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी.

यूपी के पहले मुख्यमंत्री बने पं. पंत

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1937 में पं. गोविंद बल्लभ पंत संयुक्त प्रांत के प्रीमियर चुने गए. देश की आजादी के बाद 1947 में वह उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने. उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था. मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए.

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गृह मंत्री के रूप में मजबूत की राष्ट्रीय एकता

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाद में पं. पंत ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली. वर्ष 1954 में उन्हें देश का गृह मंत्री बनाया गया. इस भूमिका में उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने में योगदान दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने और देश के भीतर विभाजनकारी प्रयासों का समाधान निकालने में पं. पंत का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा.