लखनऊ। राजधानी के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में तीन इंजीनियर और एक फायर अधिकारी शामिल हैं।

सस्पेंड किए गए अधिकारी

गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता, जानकीपुरम
कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO, इंदिरा नगर
अनिल कुमार, AE
प्रमोद पांडे, JE

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जांच के लिए SIT का गठन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भीषण अग्निकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। जिसमें अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग
प्रवीण कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन का नाम शामिल है।

SIT को एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई हाई लेवल बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। CM योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड में जान-माल की क्षति और लापरवाही के पहलुओं की गहन जांच कराने के लिए तत्काल SIT गठित करने का आदेश दिया।

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जानिए पूरा घटनाक्रम

  • दोपहर 2:15 बजे: अलीगंज के सेक्टर डी के चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई। पहले लोगों ने आग पर काबू का प्रयास किया।
  • दोपहर 2:30 बजे: आग को लगातार बढ़ती देख फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई।
  • दोपहर 3.10 बजे: फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की भयावहता की जानकारी विभाग को दी गई। धीरे-धीरे दमकल की 13 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। आग पर काबू का प्रयास शुरू किया गया।
  • शाम 6:30 बजे: फायर ब्रिगेड की ओर से आग पर काबू पाने और हालात के सामान्य होने की जानकारी दी गई। आग लगने से 15 युवाओं की मौत का मामला सामने आया।

मालिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। लखनऊ पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र शुक्ला और तुशांक कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और मामले में दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।