नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) पर यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे ने एक नई व्यवस्था लागू की है। स्टेशन के अलग-अलग प्रवेश मार्गों और प्लेटफॉर्मों के लिए रंग आधारित दिशा-सूचक लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्री आसानी से सही रास्ता चुनकर अपने प्लेटफॉर्म (Platform) तक पहुंच सकें। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस नए प्रयोग का उद्देश्य स्टेशन परिसर में भीड़ कम करना और यात्रियों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इसके तहत स्टेशन के अजमेरी गेट(Ajmeri Gate) की ओर नए दिशा-सूचक बोर्ड (Directional Signboard) लगाए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए तीन मुख्य रंग निर्धारित किए गए हैं। इन रंगों के जरिए यात्रियों को बिना किसी पूछताछ के सीधे अपने निर्धारित प्रवेश मार्ग और प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने नई प्रवेश व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब टिकट श्रेणी के आधार पर यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग तय किए गए हैं। अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों को अलग गेट से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि आरक्षित टिकट धारकों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्टेशन परिसर में लगाए गए नए बोर्डों में 3 रंगों का इस्तेमाल किया गया है। पीले रंग (Yellow Colour) के संकेत अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लगाए गए हैं। इन संकेतकों की मदद से यात्री प्लेटफॉर्म 1 से 16 तक पहुंच सकेंगे। वहीं, बैंगनी रंग (Purple color) के बोर्ड प्लेटफॉर्म 1 से 15 तक जाने वाले आरक्षित टिकट धारकों के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा हरे रंग (Green Colour) के संकेतक प्लेटफॉर्म 16 की ओर जाने वाले आरक्षित यात्रियों का मार्गदर्शन करेंगे।

इसके तहत अब टिकट श्रेणी और प्लेटफॉर्म के आधार पर अलग-अलग गेट निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार, अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों को गेट नंबर 12 से प्रवेश दिया जाएगा। वहीं प्लेटफॉर्म 1 से 15 तक जाने वाले आरक्षित टिकट धारकों के लिए गेट नंबर 8 और 11 तय किए गए हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म 16 की ओर जाने वाले आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर 7 और 10 से प्रवेश मिलेगा। रेलवे ने इन सभी गेटों के बाहर रंग आधारित दिशा-सूचक बोर्ड भी लगा दिए हैं, ताकि यात्रियों को सही मार्ग पहचानने में आसानी हो और किसी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

नई दिल्ली स्टेशन देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन 300 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। त्योहारों, छुट्टियों और विशेष अवसरों के दौरान स्टेशन परिसर में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में भीड़ नियंत्रण और व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने हाल ही में रंग आधारित दिशा-सूचक प्रणाली और टिकट श्रेणी के अनुसार अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था लागू की है।

पिछले वर्ष रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में एक स्थायी यात्री सुविधा शिविर शुरू किया था। इस शिविर में विशेष रूप से अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों को रोका जाता था, ताकि एक साथ बड़ी संख्या में लोग प्लेटफॉर्म पर न पहुंचें और भीड़भाड़ की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। स्टेशन निदेशक के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी यात्रियों की आवाजाही पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसका उद्देश्य स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव देना था। अब रेलवे ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए रंग आधारित दिशा-सूचक बोर्ड और टिकट श्रेणी के अनुसार अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था लागू की है, जिससे यात्रियों की आवाजाही को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।

रेलवे अधिकारियों ने बताई खासियत

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, यह नई व्यवस्था यात्रियों को सही गेट और प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इससे स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। नई व्यवस्था के तहत पीले रंग के संकेत अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए लगाए गए हैं, जबकि बैंगनी और हरे रंग के संकेत आरक्षित यात्रियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। साथ ही अलग-अलग गेट भी तय किए गए हैं ताकि प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के दौरान अफरा-तफरी कम हो। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि यह प्रयोग स्टेशन प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण दोनों के लिए प्रभावी साबित होगा।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण को लेकर रेलवे लगातार नई व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। इसकी बड़ी वजह पिछले वर्ष फरवरी में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना भी मानी जा रही है। उस समय यात्रियों की भारी और अनियंत्रित भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई यात्रियों की मौत हो गई थी और अनेक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी के बाद से रेलवे ने स्टेशन पर क्राउड कंट्रोल को मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयोग और व्यवस्थाएं शुरू की हैं। इनमें स्थायी यात्री सुविधा शिविर, टिकट श्रेणी के आधार पर अलग प्रवेश व्यवस्था और अब रंग आधारित दिशा-सूचक प्रणाली जैसी पहलें शामिल हैं।

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