पटना। शहर स्थित जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में आज एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सहायक अभियंता (Assistant Engineer) और लिपिक (Clerk) के पदों पर चयनित कुल 32 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करना था। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्वयं अपने हाथों से इन युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें राज्य की सेवा में शामिल होने पर बधाई दी।

​विभाग की छवि और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर

​नवचयनित कर्मियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकारी सेवा महज एक नौकरी नहीं, बल्कि राज्य के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा, “विभाग में काम करने वाले हर एक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। आपकी कार्यशैली और कार्यक्षमता से ही जल संसाधन विभाग की छवि जनता के बीच बनती है। इसलिए, आप सभी को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।”
​उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को न केवल प्रोत्साहित किया जाएगा, बल्कि उनके कार्यों की सराहना भी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विभाग को अधिक कुशल और गतिशील बनाना है।

​लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति

​उपमुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाए जाएंगे या कार्यों में अनावश्यक विलंब करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने में विभाग तनिक भी संकोच नहीं करेगा। “आपकी जिम्मेदारी है कि आप जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें,” उन्होंने जोड़ा।

​नई ऊर्जा से मजबूत होगा विभाग

​विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि इन 32 नए कर्मियों की नियुक्ति से जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली में नई गति आएगी। सहायक अभियंताओं और लिपिकों के जुड़ने से सरकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जिससे बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
​समारोह के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये युवा अपनी ऊर्जा और नवाचारी सोच के साथ विभाग के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपना अमूल्य योगदान देंगे। इस नई बहाली के साथ ही बिहार सरकार ने राज्य में सुशासन और प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।