Dharm Desk – भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र महीना सावन जैसे ही नजदीक आता है, शिव भक्तों के मन में एक ही सवाल उठता है, आखिर इस बार सावन कब से शुरू हो रहा है। शिवालयों में बढ़ती हल-चल, कांवड़ियों की तैयारियां और व्रत-पूजन की की तैयारी तेज हो चुकी है। सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि आस्था, साधना और विश्वास का उत्सव है। जिसमें हर भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूरी श्रद्धा से जुड़ता है, इस दौरान सोमवार व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व रहता है।

सावन कब से शुरू होगा…जानिए सही तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन मास की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई की रात 8.05 मिनट से प्रारंभ होकर 30 जुलाई की रात 9.30 मिनट तक रहेग, लेकिन हिंदू धर्म में किसी भी पर्व या माह की गणना उदयातिथि के आधार पर की जाती है। यही कारण है कि सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से मानी जाएगी। यह पावन महीना पूरे एक महीने तक चलेगा और 28 अगस्त को शसावन पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

इस बार पड़ेंगे सावन के 4 सोमवार

सावन के सोमवार भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इन दिनों व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से विशेष फल मिलता है। इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे… जिसमें

पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त
दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त
तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त
चौथा सावन सोमवार – 24 अगस्त
इन चारों सोमवार को मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी और शिव नाम का जाप पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देगा।

कांवड़ यात्रा कब से शुरू होगी

सावन के पहले दिन यानी 30 जुलाई से ही कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। लाखों शिव भक्त हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने-अपने शिवालयों में जलाभिषेक करते है। कई जगहों पर यह यात्रा 11 अगस्त (मासिक शिवरात्रि) तक चलती है, जबकि देवघर जैसे प्रमुख तीर्थों में पूरे सावन भर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ता है।

आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का समय

सावन का यह महीना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक है। हर-हर महादेव के जय घोष के साथ पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। और हर भक्त अपने आराध्य की कृपा पाने के लिए पूरी श्रद्धा से इस पावन समय का पालन करता है।