IIT दिल्ली के 31 वर्षीय छात्र की मौत के बाद कैंपस में जारी छात्र प्रदर्शन के बीच संस्थान के डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कथित तौर पर धमकी भरे नारे लगाकर कैंपस के शांतिपूर्ण वातावरण को बाधित करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। डायरेक्टर ने कहा कि संस्थान के शांतिपूर्ण और सामान्य कामकाज में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग कैंपस के शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ संस्थान की अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों के प्रदर्शन के बीच सामने आया बयान

छात्र की मौत के बाद संस्थान में छात्रों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ कथित नारेबाजी को लेकर संस्थान की ओर से चिंता जताई गई है। डायरेक्टर ने छात्रों से अपील की कि वे अपनी चिंताओं और मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखें और संस्थान के सामान्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित न करें। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को सुना जाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ कैंपस में अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी संस्थान की जिम्मेदारी है।

बनर्जी ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने रात 10:30 बजे से 12:30 बजे के बीच फैकल्टी हाउसिंग के ठीक सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान स्थिति को लेकर संस्थान के सामने गंभीर चिंता पैदा हुई। डायरेक्टर ने ईमेल में कैंपस में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान संस्थान के रिहायशी क्षेत्रों और सामान्य कामकाज को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा और शांति प्रभावित करने का आरोप

आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने नारों में ‘अपमानजनक, नीचा दिखाने वाली और धमकी भरी भाषा’ का इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, इस तरह की नारेबाजी से फैकल्टी सदस्यों और उनके परिवारों की सुरक्षा, निजता और शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। बनर्जी ने कहा कि फैकल्टी आवासीय क्षेत्र में रहने वाले परिवारों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। ऐसे में देर रात प्रदर्शन और कथित आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर संस्थान ने चिंता जताई है।

नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

डायरेक्टर ने छात्रों को भेजे ईमेल में स्पष्ट किया कि संस्थान के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैंपस के आवासीय क्षेत्रों, कक्षाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य सामान्य कार्यों में व्यवधान पैदा करने वालों के खिलाफ संस्थान की अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जांच और मुआवजे की मांग कर रहे छात्र

आईआईटी दिल्ली के छात्र की मौत के बाद विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्र मामले की स्वतंत्र जांच, संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। डायरेक्टर रंगन बनर्जी के संदेश के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रेस को जारी बयान में अपनी मांगों को दोहराया। छात्रों ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें जांच, मुआवजा और इस्तीफा हैं। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों के कैंपस में आने का आरोप

डायरेक्टर की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त को एक बैठक के दौरान सादे कपड़ों में दिल्ली पुलिस के जवान कैंपस में आए और प्रदर्शनकारी छात्रों की रिकॉर्डिंग की। छात्रों का दावा है कि यह उस कथित आश्वासन के विपरीत था, जिसमें कहा गया था कि प्रशासन या दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, छात्रों की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर पुलिस या संस्थान की ओर से अलग से प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।

‘बाहरी लोगों के भड़काने’ के आरोप को किया खारिज

प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि उनका आंदोलन किसी बाहरी व्यक्ति या संगठन के प्रभाव में चल रहा है। छात्रों ने कहा कि वे ऐसे दावों को पूरी तरह खारिज करते हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों का कोई राजनीतिक जुड़ाव, कोई छिपा हुआ मकसद और कोई एक नेता नहीं है। छात्रों ने आंदोलन को ‘स्वाभाविक और सामूहिक’ बताते हुए कहा कि यह उनकी साझा मांगों को लेकर किया जा रहा विरोध है।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि 22 अगस्त को आईआईटी दिल्ली कैंपस में एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, छात्र की मौत परिसर की एक इमारत से गिरने के बाद हुई। मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। छात्र की मौत के बाद आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र मामले की स्वतंत्र जांच, संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। आईआईटी दिल्ली ने छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित बाहरी जांच समिति का गुरुवार को पुनर्गठन किया। पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता दिल्ली हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी।

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