लुभम निर्मलकर, दंतेवाड़ा। जिले में NMDC (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम) की CSR योजना के तहत स्कूली बच्चों को बांटे जा रहे जूतों के साइज को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भांसी पंचायत में 181 बच्चों को बिना पैरों का नाप लिए जूते बांट दिए गए। बच्चों को उनके पैरों से 2 से 3 नंबर तक बड़े जूते मिलने की बात सामने आई है। इससे उन्हें चलने में परेशानी हो रही है। अब सवाल उठ रहा है कि जब जिले की 12 पंचायतों के स्कूलों में जूते बांटे जाने हैं, तो बाकी 11 पंचायतों में वितरण से पहले बच्चों के पैरों का सही नाप लिया जाएगा या नहीं।

मिली जानकारी के मुताबिक, NMDC की ओर से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत प्रभावित पंचायतों के स्कूलों में बच्चों को जूते और मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है, लेकिन ग्राम पंचायत भांसी के शासकिय स्कूल में वितरण के बाद जूतों के साइज को लेकर परेशानी सामने आई है।

पैर से बड़े जूतों के कारण चलने में परेशानी

बच्चों का कहना है कि उन्हें मिले जूते पैरों से बड़े हैं। चलते समय जूते पैर से निकल जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों को उनके पैरों के साइज से 2 से 3 नंबर तक बड़े जूते मिले हैं। ऐसे में बच्चों के लिए जूते उपयोगी होने के बजाय असुविधा का कारण बन रहे हैं।

बाकी 11 पंचायतों में वितरण से पहले नाप लेने की मांग

योजना के तहत कुल 12 पंचायतों के स्कूलों में जूते-मोजे बांटे जाने हैं। पहली पंचायत में 181 बच्चों को जूते दिए जा चुके हैं। यहां साइज को लेकर सामने आई समस्या के बाद अब बाकी पंचायतों में वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

मांग की जा रही है कि आगे जूते बांटने से पहले हर बच्चे के पैर का नाप लिया जाए और उसी के मुताबिक जूते दिए जाएं। इससे बच्चों को सही साइज के जूते मिल सकेंगे और वितरण के बाद उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अब देखना होगा कि बाकी पंचायतों में जूते वितरण के दौरान साइज की समस्या दूर करने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जाती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में NMDC या संबंधित अधिकारियों का इस मामले पर पक्ष सामने नहीं आया है।

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