नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने सोनिया विहार (Sonia Vihar) वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) के पास कथित अतिक्रमण कर बनाए गए 5 वाटर स्पोर्ट्स क्लबों को बेदखली नोटिस जारी किया है। क्लब सदस्यों के अनुसार, DDA ने नोटिस में तय समय सीमा के भीतर जमीन खाली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर जगह खाली नहीं की गई तो प्रशासन ‘बल प्रयोग’ करते हुए कार्रवाई कर सकता है। संबंधित वाटर स्पोर्ट्स क्लब (Water Sports Club) डीडीए की जमीन पर संचालित हो रहे हैं। प्राधिकरण का कहना है कि यह भूमि सरकारी उपयोग के लिए निर्धारित है और उस पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन क्लबों का प्रतिनिधित्व ‘दिल्ली रोइंग एसोसिएशन’ करती है। एसोसिएशन के अनुसार, जिन क्लबों को नोटिस भेजे गए हैं उनमें वसुंधरा रोइंग क्लब, बीएसएफ सेंटर वाटर स्पोर्ट्स क्लब, सोनिया विहार वाटर स्पोर्ट्स क्लब, वजीराबाद वाटर स्पोर्ट्स क्लब और दिल्ली रोइंग नोड शामिल हैं। दिल्ली रोइंग एसोसिएशन (Delhi Rowing Association) का दावा है कि वह रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (Rowing Federation of India) और दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन (Delhi Olympic Association) से संबद्ध संस्था है और लंबे समय से राजधानी में रोइंग तथा वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
21 मई को जारी नोटिस में DDA ने कहा कि सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रवेश द्वार के पास स्थित जमीन प्राधिकरण की है, जिस पर अस्थायी ढांचों के रूप में अतिक्रमण किया गया है। नोटिस में क्लब संचालकों को पत्र जारी होने की तारीख से तीन दिन के भीतर जमीन खाली करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर बलपूर्वक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि, मंगलवार तक डीडीए की ओर से किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। इस बीच संबंधित क्लबों और खिलाड़ियों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
2 क्लबों की बिजली सप्लाई काटी
‘दिल्ली रोइंग एसोसिएशन’ के सदस्यों ने बताया कि डीडीए ने पिछले सप्ताह पांचों क्लब परिसरों के बाहर नोटिस चस्पा किए थे। इन क्लबों में रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग जैसी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित की जाती हैं। डीडीए के नोटिस में कहा गया है कि तय समय-सीमा के भीतर जमीन खाली नहीं करने पर प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई कर सकता है। प्राधिकरण का दावा है कि ये अस्थायी ढांचे उसकी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। इस बीच, एसोसिएशन ने दावा किया है कि DDA ने दो क्लबों की बिजली सप्लाई भी काट दी है। हालांकि इस मामले में डीडीए की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली रोइंग एसोसिएशन के प्रेजिडेंट जय करण चौधरी ने कहा कि दिल्ली-NCR में रोइंग और वॉटर स्पोर्ट्स की इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले ये अकेले क्लब हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए क्षेत्र में कोई अन्य उपयुक्त वाटर बॉडी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इन क्लबों को बंद किया जाता है, तो सैकड़ों युवा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित होगी और वे इन खेलों में अपना करियर बनाने से वंचित हो सकते हैं। चौधरी के अनुसार, यहां प्रशिक्षण लेने वाले कई खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों से आते हैं, जिनके लिए ये सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
DDA का यह कदम बेहद निराशाजनक
एसोसिएशन ने कहा कि पदक दिलाने वाली ऐसी वाटर स्पोर्ट्स सुविधाओं को ध्वस्त करना विरोधाभासी और बेहद निराशाजनक कदम है। एसोसिएशन का कहना है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार अपनी ‘खेलो इंडिया’ (Khelo India) पहल के जरिए भारत के ओलंपिक पदकों की संख्या बढ़ाने और जमीनी स्तर पर खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। एसोसिएशन के मुताबिक, इन क्लबों ने कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए हैं, इसलिए इनके बंद होने से उभरती प्रतिभाओं और खेलों के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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