रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय कोलंबो यात्रा पर है. बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशो्ं ने अपने समुद्री और सामिरक संबंधों को गहरा करने के लिए तीन महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसी बीच अनुरा कुमार दिसानायके ने स्पष्ट किया कि वह श्रीलंका की धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे.
भारत और श्रीलंका ने अपने देशों के विकास और अपने लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करना जारी रखने की पुष्टि की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया.
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक की. इस दौरान क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षा, शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि श्रीलंका के सबसे करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में भारतीय सहायता को एहसान न मानकर अपनी जिम्मेदारी समझता है.
भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में श्रीलंका वायु सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भारत निर्मित L70 एयर-डिफेंस गन को अपग्रेड करने का करार शामिल है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहले की मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि श्रीलंका, भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल किसी भी गतिविधि के लिए अपने क्षेत्र का इस्तेमाल कभी नहीं होने देगा. उनके इस बयान को पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़े डेवलपमेंट के तौर पर देखा जा रहा है.
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के सबसे करीबी साझेदार के तौर पर काम कर सकते हैं.
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