अविनाश कुमार, रोहतास। जिले के डेहरी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पटना से डेहरी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण में मुआवजे को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिसको लेकर अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।

उचित भुगतान नहीं करने का आरोप

डेहरी के 250 से अधिक किसानो ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण था भू अर्जन विभाग पर जमीनों के वर्गीकरण के हिसाब से अधिग्रहण की राशि भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि औद्योगिक, आवासीय, व्यावसायिक क्षेत्र के जमीन का भी कृषि वाले जमीन के रूप में अधिग्रहण किया जा रहा है तथा मुआवजे की राशि भी कम दी जा रही है। ऐसे में ग्रीनफील्ड सड़क निर्माण के लिए निर्माण कंपनी द्वारा बिना समुचित मुआवजा दिए हुए जमीन की मापी का किसानों ने विरोध किया, जिसको देखते हुए डेहरी के एसडीएम निलेश कुमार मौके पर पहुंचे तथा किसानों को समझा बूझाकर मनाने की कोशिश की।

एसडीएम ने कही पुनः वर्गीकरण की जांच की बात

किसानों का कहना है कि जमीन का वर्गीकरण सही तरीके से किया जाए। वही इस संबंध में डेहरी के एसडीएम निलेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों को समस्या आ रही है। उनकी शिकायत सुनी जा रही है। साथ ही भू अर्जन विभाग जमीन के कोटि के आधार पर एक बार पुनः वर्गीकरण की जांच कर रही है। उसके आधार पर ही मुआवजा की राशि की भुगतान की जा रही है। किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे जमीन जो व्यावसायिक है, उसे कृषि योग्य बताकर मुआवजा दी जा रही है, जिससे वे लोग नाराज हैं।

ये भी पढ़ें- बड़ी खबर: भरत तिवारी के परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी, CM सम्राट का बड़ा ऐलान