दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र (Delhi Assembly’s monsoon session) शुक्रवार, 7 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से 3 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। इसके अलावा 2 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी विधानसभा पटल पर रखी जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता (Vijendra Gupta) ने बताया कि 7 से 11 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र के विधायी कार्यों को बिजनेस एडवायजरी कमेटी ने मंजूरी दे दी है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र के दौरान होने वाले कार्यों और एजेंडे पर चर्चा की गई।

विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सत्र के विधायी कार्यों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। बैठक में तय किया गया कि मानसून सत्र के दौरान दो CAG रिपोर्ट, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग से जुड़ी एक अधिसूचना तथा तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।  सत्र के दौरान जिन विधेयकों को पेश किया जाएगा, उनमें समयबद्ध सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता से संबंधित विधेयक, दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) से जुड़ा विधेयक और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों से संबंधित विधेयक शामिल हैं। इन विधेयकों के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक और नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रावधानों को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन में दिल्ली से संबंधित दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इनमें 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए दिल्ली सरकार से संबंधित CAG रिपोर्ट संख्या-1 तथा वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त पर आधारित दिल्ली सरकार की CAG रिपोर्ट संख्या-2 शामिल है।उन्होंने कहा कि 7 से 11 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र के एजेंडे को बिजनेस एडवायजरी कमेटी ने मंजूरी दे दी है। सत्र के दौरान विधायी कार्यों के साथ-साथ विभिन्न जनहित और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी रिपोर्टों को सदन के समक्ष रखेगी।

500 से अधिक सरकारी सेवाएं तय समय में मिलने का मिलेगा अधिकार

दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र में पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों में ‘राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज बिल’ शामिल है। इस विधेयक का उद्देश्य दिल्लीवासियों को 500 से अधिक सरकारी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराना है। दिल्ली सरकार पहले ही इस व्यवस्था को कैबिनेट से मंजूरी देकर लागू करने के निर्देश जारी कर चुकी है, लेकिन सरकार का मानना है कि इसे कानून का रूप देने से नागरिकों के अधिकार और अधिक मजबूत होंगे। विधेयक लागू होने के बाद लोगों को समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिलेगा।

DUSIB संशोधन बिल: 2025 तक बनी झुग्गियों के निवासियों को मिलेगा पुनर्वास का लाभ

दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) संशोधन विधेयक भी पेश करेगी। इस विधेयक के जरिए झुग्गीवासियों के पुनर्वास से जुड़े मौजूदा प्रावधानों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार केवल वर्ष 2015 से पहले स्थापित झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को पुनर्वास का अधिकार प्राप्त है। लेकिन सरकार इस सीमा को बढ़ाकर वर्ष 2025 तक करने जा रही है। संशोधन लागू होने के बाद 2025 तक बनी झुग्गियों में रहने वाले पात्र निवासियों को भी पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो 2015 के बाद विकसित हुई झुग्गी बस्तियों में रह रहे हैं। मौजूदा नियमों के कारण वे पुनर्वास योजनाओं के दायरे से बाहर रह जाते हैं। नए संशोधन के बाद इन परिवारों को भी आवास और पुनर्वास से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति होगी समाप्त, सरकार लाएगी नई व्यवस्था

दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र में पेश किए जाने वाले तीसरे महत्वपूर्ण विधेयक के तहत बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह फैसला हाल ही में मालवीय नगर में हुए हादसे के बाद लिया गया है, जिसमें मौजूदा नीति के दुरुपयोग के आरोप सामने आए थे। बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार ने की थी। इसका उद्देश्य राजधानी में आने वाले पर्यटकों और मेहमानों के लिए अतिरिक्त आवास सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इसके तहत लोगों को अपने घरों या संपत्तियों के कुछ हिस्सों को सीमित शर्तों के साथ आवासीय सुविधा के रूप में संचालित करने की अनुमति दी गई थी।

हालांकि, मालवीय नगर हादसे की जांच और प्रारंभिक तथ्यों में यह सामने आया कि कई स्थानों पर इस नीति का मूल उद्देश्य से हटकर उपयोग किया जा रहा था। सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी कमियां हैं, जिसके कारण अनियमितताएं बढ़ी हैं। इन्हीं कारणों को देखते हुए दिल्ली सरकार अब मौजूदा बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति और उससे जुड़े लाइसेंस प्रावधानों को समाप्त करने जा रही है। सरकार का कहना है कि इसके स्थान पर जल्द ही एक नई नीति लाई जाएगी, जिसमें सुरक्षा मानकों, संचालन संबंधी नियमों और जवाबदेही को अधिक प्रभावी ढंग से शामिल किया जाएगा।

क्यों अहम माना जा रहा है दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र?

दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र इस बार कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण खास माना जा रहा है। सत्र के दौरान वित्तीय जवाबदेही, सरकारी सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता, बिजली व्यवस्था, शहरी विकास, झुग्गी पुनर्वास और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। सरकार जहां अपने नए विधेयकों और नीतियों को सदन के समक्ष रखेगी, वहीं विपक्ष को भी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश की जाने वाली दो CAG रिपोर्टों को लेकर भी राजनीतिक हलचल रहने की संभावना है। इन रिपोर्टों के आधार पर विपक्ष सरकार की वित्तीय नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सकता है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतिगत फैसलों का बचाव करेगी।

इसके अलावा, राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज बिल, DUSIB संशोधन विधेयक और बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति से संबंधित विधेयक जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस होने की उम्मीद है। ये विधेयक सीधे तौर पर आम नागरिकों, झुग्गीवासियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को प्रभावित करते हैं, इसलिए इन पर सभी की नजर रहेगी। हर वर्ष मानसून सत्र के दौरान सरकार अपने नए कानूनों और नीतिगत प्रस्तावों को सदन में पेश करती है। किसी भी विधेयक को कानून का रूप लेने से पहले विधानसभा में चर्चा, सुझाव, संशोधन और मतदान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही कारण है कि इस सत्र में होने वाली बहस और फैसले राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m