नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार राजधानी में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए बोरवेल पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा आयोजित ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम में दी। इस दौरान उन्होंने बोरवेल कनेक्शन के लिए एक शर्त भी रखी है, जिसमें केवल उन घरों और आवासीय कॉलोनियों को वैध बोरवेल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा, जिनके पास उचित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली सरकार गंभीरता से बोरवेल पॉलिसी पर विचार कर रही है। लेकिन सिर्फ उन घरों और कॉलोनियों को वैध बोरवेल कनेक्शन मिलेगा जिनके पास वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा। हमें पानी की अहमियत को समझना होगा और भविष्य को देखते हुए पानी बचाने की आवश्यकता है।”

हर घर, हर छत हिस्सा बने

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में वर्षा जल संचयन की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी परंपरा की बुद्धिमत्ता है, जिसे आज की आवश्यकता बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी और कहा कि “वर्षा जल संचयन हमारी परंपरा की बुद्धिमत्ता है, जिसे आज की आवश्यकता बनाना होगा।” उन्होंने आगे बताया, “सरकार द्वारा ₹50,000 तक की सब्सिडी, पानी के बिल में 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट और निःशुल्क तकनीकी सहायता जैसे कदम इस दिशा को गति दे रहे हैं। अब हमारा लक्ष्य है कि हर घर, हर छत और हर संस्थान इस प्रयास का सक्रिय हिस्सा बने।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “बारिश की हर बूंद, भविष्य की सुरक्षा है। अगर हम उसे वहीं सहेज लें, जहां वह गिरती है, तो दिल्ली की जल स्थिति में बड़ा परिवर्तन संभव है।” उनका मानना है कि यदि हम वर्षा जल संचयन की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करते हैं, तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मंत्री प्रवेश वर्मा की चेतावनी

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए वर्षा जल संचयन (रेन हार्वेस्टिंग) के महत्व पर जोर दिया और इसे सरकारी संस्थानों में गंभीरता से लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को समयबद्ध तरीके से लागू करना बेहद जरूरी है, और यह कदम दिल्ली में जल संकट से निपटने के लिए अहम होगा। मंत्री वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा, “सरकारी संस्थानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को गंभीरता से और समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए। अगर यह नहीं किया गया, तो हम सख्त ऐक्शन लेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि “सुरुआत में 10 फीसदी की कटौती लागू की जाएगी, और अगर लापरवाही जारी रही तो कनेक्शन काट दिए जाएंगे।”यह कदम रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर दिल्ली सरकार की कड़ी नीति को दर्शाता है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से बताया कि जल संचयन के लिए एक ठोस और व्यवस्थित उपायों को लागू करना बहुत जरूरी है, ताकि भविष्य में जल संकट को कम किया जा सके।

क्या है बिल पर छूट की योजना

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई योजनाओं का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि “100 वर्ग मीटर या उससे बड़े सभी भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना अनिवार्य किया जाएगा।” साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जो नागरिक इस दिशा में पहल करेंगे, उन्हें “पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की छूट” दी जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा इस प्रणाली को स्थापित करने के लिए ₹50,000 तक की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी दी जा रही है। इस कदम से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि यह जल संरक्षण की दिशा में एक ठोस पहल होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार खुद भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत “सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा”, और “पुराने सिस्टम को दुरुस्त कर उनकी डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि “केवल सिस्टम लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव जरूरी है ताकि बारिश की हर बूंद जमीन के भीतर पहुंच सके और उसे संचित किया जा सके।” इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में जल की स्थिति को बेहतर बनाना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के सामने जल संकट, प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और जलभराव जैसी प्रमुख चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि “दिल्ली लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के सहयोग से इन समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग मिल रहा है और नगर निगम के साथ मिलकर योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि “सरकार अकेले इस चुनौती का समाधान नहीं कर सकती।” उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “हर घर, हर छत और हर संस्थान वर्षा जल संचयन को अपनाए और बारिश की हर बूंद को संरक्षित करने की जिम्मेदारी निभाए।” उन्होंने यह भी बताया कि “भूजल स्तर को बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण सुनिश्चित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

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