नई दिल्ली: दिल्ली में दशकों से जारी जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए दिल्ली सरकार ने अब एक नया कदम उठाया है। राजधानी की 1400 किमी से अधिक लंबी सड़कों पर भयंकर अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) ने डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) सर्वे कराने का फैसला किया है। इस सर्वे की मदद से सड़कों पर अतिक्रमण की पहचान और मार्किंग की जाएगी, जिससे भविष्य में अवैध कब्जों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।

डीजीपीएस सर्वे से अतिक्रमण पर होगी सटीक निगरानी

डीजीपीएस सर्वे की मदद से सड़कों के ऊपर से रियल टाइम तस्वीरें ली जाएंगी, जिनसे अतिक्रमण के स्थानों की सटीक जानकारी प्राप्त की जाएगी। यह तकनीक अतिक्रमण की पहचान और उसे हटाने के अभियान में बेहद प्रभावी साबित होगी। सर्वे में प्राप्त डाटा के आधार पर, पीडब्ल्यूडी अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।पीडब्ल्यूडी के सीनियर अफसर के अनुसार, दिल्ली में सड़कों की चौड़ाई 60 मीटर से अधिक है, लेकिन गाड़ियों की बढ़ती संख्या और अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम अब एक नियमित समस्या बन गई है। इस समस्या से निपटने के लिए, सरकार ने अतिक्रमण हटाने का फैसला किया है, ताकि सड़कें अधिक प्रभावी रूप से उपयोग हो सकें और जाम की समस्या को कम किया जा सके।

अतिक्रमण हटाने की योजना और डीजीपीएस सर्वे

दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ, यह तय किया गया है कि अतिक्रमण हटाने से ही शहर में यातायात की स्थिति में सुधार लाया जा सकेगा। इस योजना के तहत, पीडब्ल्यूडी सभी सड़कों की लंबाई और चौड़ाई का डिमार्केशन करेगा। इसके बाद, डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) की मदद से सड़कों पर अतिक्रमण की सटीक पहचान की जाएगी। इस प्रक्रिया से सटीक आंकड़े जुटाए जाएंगे और उसके आधार पर पीडब्ल्यूडी कार्रवाई करेगा।

सरकार के लिए गाड़ियों की संख्या कम करना मुश्किल

पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा, “दिल्ली में गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सरकार के लिए इन सड़कों से गाड़ियों की संख्या को कम करना आसान नहीं है। इसलिए, हम इस समस्या का समाधान अतिक्रमण को हटाकर करने जा रहे हैं, ताकि सड़क का अधिकतम उपयोग किया जा सके और यातायात में आसानी हो।”

नॉर्थ डिविजन में सर्वे की शुरुआत

सर्वे का पहला चरण नॉर्थ डिविजन के 143 किमी लंबी सड़कों पर शुरू होगा, जिसमें अतिक्रमण की मार्किंग की जाएगी। सर्वे पर कुल 17.34 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस सर्वे से मिले आंकड़ों के आधार पर पीडब्ल्यूडी अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जिससे सड़कों पर से अतिक्रमण हटाया जाएगा और यातायात की स्थिति में सुधार होगा।

ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान

यह योजना राजधानी की बढ़ती यातायात समस्या को दूर करने के लिए एक ठोस कदम है। अतिक्रमण हटाने से सड़क पर जगह खाली होगी और वाहनों की आवाजाही में आसानी होगी, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी। इसके अलावा, सड़कों पर सुरक्षा भी बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर ट्रैफिक अनुभव मिलेगा।

नॉर्थ डिविजन के प्रमुख इलाके और सड़कों का सर्वे

नॉर्थ डिविजन के सर्वे में कई महत्वपूर्ण सड़कों और इलाकों को शामिल किया गया है, जिनमें समयपुर बादली अंडरपास, आजादपुर अंडरपास, जखीरा से मोती नगर, जखीरा फ्लाईओवर, मॉल रोड, जीटीबी नगर, जीटी करनाल रोड, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का सर्वे किया जाएगा। इन सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए डीजीपीएस का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्रवाई में आसानी होगी।

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