दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को निर्देश दिया है कि वह स्टॉक मार्केट सलाहकार आकांक्षा गुप्ता के Instagram अकाउंट को बंद करने और अन्य सोशल मीडिया खातों पर लगाई गई पाबंदियों के आधार अदालत के सामने पेश करे। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल गुप्ता को किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी।
मेटा के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचीं आकांक्षा गुप्ता
जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को आकांक्षा गुप्ता की ओर से दाखिल मुकदमे पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में समन जारी करने के साथ ही अंतरिम राहत की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया है।
गुप्ता ने अदालत को बताया कि वह SEBI में पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट हैं और शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देती हैं। वह Instagram, Facebook, X और Telegram समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।
एक Instagram अकाउंट बंद, अन्य खातों पर कार्रवाई
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिया कपूर और अधिवक्ता नकुल गांधी ने अदालत को बताया कि गुप्ता का एक Instagram अकाउंट बंद कर दिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य Instagram और Facebook अकाउंट पर चेतावनी या प्रतिबंध लगाए गए हैं। वकीलों का कहना है कि इन कार्रवाइयों के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताए गए, जिससे उनके पेशेवर काम पर गंभीर असर पड़ रहा है।
मेटा ने बताई कार्रवाई की वजह
मेटा की ओर से अधिवक्ता वरुण पाठक ने कहा कि यूजर्स को उनके अकाउंट पर ही कार्रवाई की वजह की जानकारी दी जाती है। मेटा के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का कथित उल्लंघन, जिसमें वयस्क यौन गतिविधियों के लिए आग्रह और धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं, के आधार पर की गई। मेटा ने मुकदमे की सुनवाई योग्य होने पर भी प्रारंभिक आपत्ति जताई। वहीं, हाई कोर्ट ने इस चरण में अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मेटा से संबंधित सामग्री अदालत में पेश करने को कहा है।
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