Delhi High Court On Fake Posts Against Judiciary: देश के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई (CJI) सूर्यकांत और न्यायपालिका के खिलाफ फर्जी पोस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सीजेआई और न्यायपालिका के खिलाफ फर्जी और अपमानजनक पोस्ट को 24 घंटे में हटाने का आदेश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा, गूगल और एक्स जैसे सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स को 24 घंटे के अंदर आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी इंटरनेट पोर्टल्स पर फैलाई जा रही फर्जी खबरों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस तेजस करिया ने ये महत्वपूर्ण आदेश भारतीय बैडमिंटन संघ की ओर से दायर विशेष अर्जी पर पारित किया है। भारतीय बैडमिंटन संघ ने याचिका में उन समाचार रिपोर्टों, सोशल मीडिया पोस्टों, वीडियो और अन्य डिजिटल प्रकाशनों को इंटरनेट से तुरंत हटाने की मांग की। जिनमें झूठा दावा किया गया था कि न्यायपालिका के शीर्ष जजों और कानून मंत्रियों ने 7 जून, 2026 को लंदन में आयोजित बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लिया था।

मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस तेजस करिया ने साफ तौर पर माना कि ये सामग्री हमारी न्यायपालिका और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को बदनाम करने के लिए बनाई गई हैय़ ये प्रथम दृष्टया पूरी तरह झूठी और दुर्भावनापूर्ण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मैटा, गूगल, एक्स समेत सभी सोशल मीडिया मध्यस्थों (Intermediaries) को किसी भी अपमानजनक कंटेंट (पोस्ट) के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अदालती आदेश का इंतजार नहीं करना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने मेटा, गूगल और एक्स को 24 घंटे में CJI और न्यायपालिका के खिलाफ फर्जी और अपमानजनक पोस्ट हटाने का आदेश दिया।

अदालत ने सिर्फ कंपनियों को ही नहीं, बल्कि आम जनता को भी सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अब कोई भी नागरिक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वेब-होस्टिंग प्लेटफॉर्म, सर्च इंजन या डिजिटल मीडिया पर इस फर्जी सामग्री को न तो अपलोड कर सकता है, न ही इसे दोबारा साझा (शेयर) या प्रसारित कर सकता है।

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