एक्सप्रेसवे पर बढ़ते सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए एसपी डॉ. अर्पित जैन ने नूंह से फिरोजपुर झिरका तक मार्ग का जायजा लिया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के मद्देनजर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर अंकुश लगाने के सख्त आदेश जारी किए हैं।

अंबाला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराणा प्रताप जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप के नाम पर एक अध्ययन केंद्र और चेयर की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही शहजादपुर के बड़ागढ़ स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम बदलकर महारानी पद्मावती राजकीय महाविद्यालय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये, राजपूत छात्रावास निर्माण के लिए 31 लाख रुपये देने तथा शहजादपुर के कच्चे नाले को पक्का करवाने की भी घोषणा की।

अंबाला के शहजादपुर में ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की नवीकृत प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में विजय कुमार सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की। समारोह की अध्यक्षता हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराणा प्रताप को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और वीरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, त्याग और अदम्य साहस की मिसाल है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने मुगलों के अधीन हो चुके मेवाड़ को स्वतंत्र कराने के लिए करीब 20 वर्षों तक जंगलों में संघर्ष किया, लेकिन कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। घास की रोटियां खाना स्वीकार किया, मगर स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के प्रतीक थे।

मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप के प्रिय घोड़े चेतक और हाथी रामप्रसाद के साहस और त्याग का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन से आज की पीढ़ी को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की वीरता से प्रेरणा लेकर भारतीय सेनाओं ने अनेक युद्धों में दुश्मनों को परास्त किया है और आज प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

मिजोरम के राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी अपनी संस्कृति और धर्म से समझौता नहीं किया तथा जनता की भलाई को सर्वोपरि रखा। उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की युद्ध नीति इतनी प्रभावशाली थी कि बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी उसी शैली को अपनाया। कठिन परिस्थितियों में जंगलों में रहकर संघर्ष करने और घास की रोटियां खाने का प्रसंग आज भी साहस और संकल्प की मिसाल है।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने महाराणा प्रताप के संघर्ष, हल्दीघाटी युद्ध और उनके अद्वितीय शौर्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे अर्थों में शूरवीर थे। उन्होंने कहा कि केवल महाराणा प्रताप ही नहीं, बल्कि उनसे पूर्व की 12 पीढ़ियों ने भी राष्ट्र रक्षा के लिए बलिदान दिए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती देशभर में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई जा रही है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, असंध विधायक योगेंद्र राणा, पूर्व मंत्री संजय सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।