भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (BJD) के सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पेट्रोल और डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि इसे आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में औपचारिक एजेंडे के रूप में शामिल किया जाए।

संविधान के अनुच्छेद 279A(5) का हवाला देते हुए सांसद पात्रा ने तर्क दिया कि वर्तमान में इन ईंधनों के जीएसटी से बाहर होने के कारण विभिन्न राज्यों में कीमतों में भारी अंतर है। उदाहरण के लिए ओडिशा में पेट्रोल पर 28% और डीजल पर 24% वैट (VAT) लगता है। यदि इन्हें जीएसटी के अधिकतम 28% स्लैब में शामिल किया जाता है, तो पेट्रोल की कीमत में 25 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 14 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी गिरावट आ सकती है।
उन्होंने बताया कि इससे हर महीने 60 लीटर पेट्रोल की खपत करने वाले एक मध्यमवर्गीय परिवार को करीब 1,500 रुपये की बचत होगी, जो सालाना 18,000 से 19,000 रुपये तक बैठेगी। इसके अलावा किसानों और उद्योगों को भी माल ढुलाई की लागत घटने से बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि, सांसद ने इससे होने वाले वित्तीय नुकसान को भी स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने से ओडिशा को सालाना करीब 4,500 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार को 3,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए पात्रा ने एक ‘चरणबद्ध मॉडल’ अपनाने और राज्यों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संक्रमणकालीन मुआवजा देने का सुझाव दिया है।
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