RCA Denmark Cricket Exchange Program: राजस्थान के क्रिकेट गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अब प्रदेश की क्रिकेट प्रतिभाएं केवल देश के मैदानों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सात समंदर पार डेनमार्क में भी अपना जलवा बिखेरेंगी। मंगलवार को डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन जयपुर पहुंचे और राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के दफ्तर में एडहॉक कमेटी के पदाधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। इस मुलाकात के बाद राजस्थान के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।

पहली बार होगा क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम
एडहॉक कमेटी के सदस्य आशिष तिवाड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान और डेनमार्क के बीच एक खास ‘क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम’ शुरू होने वाला है। इस समझौते का मुख्य मकसद खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरती हुई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर देना है। डेनमार्क के राजदूत ने राजस्थान की खेल संस्कृति को करीब से देखा और यहां के सिस्टम की जमकर तारीफ की। सूत्रों की मानें तो यह करार जल्द ही कागजों से निकलकर मैदान पर नजर आएगा।
डेनमार्क जाएगी राजस्थान की अंडर-19 टीम
इस पार्टनरशिप के तहत सबसे बड़ा फायदा जूनियर क्रिकेटर्स को मिलने वाला है। तय कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान की अंडर-19 पुरुष और महिला टीम को डेनमार्क के दौरे पर भेजा जाएगा। वहां के खिलाड़ी जयपुर आएंगे और यहां की मिट्टी व परिस्थितियों में क्रिकेट की बारीकियां सीखेंगे। दोनों देशों के खिलाड़ी अलग-अलग वेदर कंडीशन में खुद को ढालने की ट्रेनिंग लेंगे।
चर्चा के बाद डेनमार्क के राजदूत रासमस क्रिस्टेंसन जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम भी पहुंचे। उन्होंने वहां की पिच, आउटफील्ड और ड्रेनेज सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया। एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने बताया कि यह केवल खेल का समझौता नहीं है, बल्कि भारत और डेनमार्क के बीच रिश्तों को मजबूत करने की एक नई पहल है। इससे हमारे युवाओं को एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म मिलेगा।
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