सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश शासन ने अयोध्या स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. प्रारंभिक जांच में अवकाश अवधि के दौरान भुगतान संबंधी चेकों पर हस्ताक्षर किए जाने और जीईएम (GeM) अनुबंध जारी किए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है.

उपाध्यक्ष, स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय व अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के स्तर से जारी आदेश के अनुसार, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत मिलने पर शासन ने मामले की जांच कराई थी. महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की ओर से प्रस्तुत प्रारंभिक जांच आख्या के आधार पर यह पाया गया कि अवकाश पर रहते हुए उन्होंने भुगतान के लिए चेकों पर हस्ताक्षर किए. शासन ने इसे नियमों के अनुरूप नहीं माना है.

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आदेश में कहा गया है कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, तत्कालीन प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अयोध्या के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए मामले की विस्तृत जांच के लिए महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को जांच अधिकारी नामित किया गया है.

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने अवकाश अवधि के दौरान जीईएम पोर्टल पर खरीद संबंधी अनुबंध जारी किए तथा करोड़ों रुपये के भुगतान से जुड़े चेकों पर हस्ताक्षर किए. यह भी आरोप है कि उन्होंने अवकाश पर जाने के दौरान अपना कार्यभार दूसरे अधिकारी को सौंप दिया था, बावजूद इसके वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए.