कुंदन कुमार, पटना। भोजपुर निवासी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़े एक सवाल पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि, भरत तिवारी एनकांटर मामले पर सरकार ने जांच का आदेश दिया है। लोगों को भरोसा रखना चाहिए कि निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कारवाई होगी।
‘मामले में होगा दूध का दूध और पानी का पानी’
डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि, घटना को लेकर कई विवादास्पद बाते सामने आ रही हैं। सरकार ने पहले शाहाबाद रेंज के डीआईजी से जांच करने का निर्देश दिया है। फिर पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कारवाई हुई है, उन्हें निलंबित किया गया है। सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है।
उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रिटायर्ड जज की कमेटी बनाकर भी निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। आप भरोसा रखिए इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा, जो दोषी होंगे उसपर कार्रवाई जरूर होगी।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से लगातार सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं। परिजन और ग्रामीण इस एनकाउंटर को हत्या बताते हुए लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भरत तिवारी के एनकाउंटर का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। मामले में वकील विशाल तिवारी की ओर से एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। हालांकि कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से इंकार कर दिया है।
सरेंडर करने के बाद पुलिस ने मारी गोली!
गौरतलब है की भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बीते 17 जून को हुए कथित एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान बाद में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनने पर आत्मरक्षा में गोली चलाई गई। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि हथियार फेंकने और सरेंडर करने के बाद पुलिस ने भरत तिवारी को गोली मारी है। भरत के आत्मसमर्पण और पिस्टल फेंकने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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