प्रतीक पटनायक, धमतरी। धमतरी जिला में आत्महत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. जिले में सुसाइड एक गंभीर संकट बनता जा रहा है. ताजा मामला तो और भी ज्यादा हैरान करने वाला है, क्योंकि एक ही दिन में तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन युवकों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.

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आंकड़े चौंकाने वाले हैं. जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मानें तो पिछले 3 साल 8 महीनों में कुल 1265 पोस्टमार्टम हुए हैं, और इसमें से लगभग 50 प्रतिशत मामले आत्महत्या के हैं. 500 से ज्यादा केस सिर्फ सुसाइड के दर्ज किए गए हैं, और इसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है. ये आंकड़े सिर्फ जिला अस्पताल के हैं, अगर पूरे जिले की बात करें तो ये आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा होगा.

अब बात हैं तीन घटनाओं की पहली घटना दुगली थाना क्षेत्र के ग्राम गजकन्हार की है जहां दुर्गेश नेताम नामक युवक ने अपने घर में जहर सेवन कर जान दे दी. दूसरी घटना तरसीवा के रहने वाले यशवंत बघेल की है, जिन्होंने भी इसी तरह खौफनाक कदम उठाया और तीसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के जोधापुर वार्ड की है, जहां राकेश ध्रुव ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

तीनों ही मामलों में कारण अज्ञात बताया जा रहा है. डॉक्टरों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह नशा खासकर सूखा नशा और मानसिक तनाव है. नशे की लत में युवा इस खौफनाक कदम को उठा रहे हैं. बहरहाल, धमतरी जिले में लगातार बढ़ रहे ये मामले समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं. जरूरत है कि युवाओं से संवाद करने की उन्हें नशे से दूर रखने की और मानसिक स्वास्थ्य पर काम करने की.

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