पटना। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश भर की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया है। नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चलाए गए लंबे आंदोलन की सफलता का इसे प्रतीक माना जा रहा है। पार्टी ने इसे अपनी नैतिक और राजनीतिक जीत करार दिया है।
पटना में कांग्रेस का विजय जुलूस और जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के साथ ही पटना स्थित सदाकत आश्रम से कांग्रेस पार्टी द्वारा एक भव्य विजय जुलूस निकाला गया। इस मार्च में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम स्वयं शामिल हुए।
जुलूस के दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण नजर आया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने खुद ढोल बजाकर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। उनके पीछे खड़े सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते और नाचते दिखाई दिए। जीत के इस जश्न में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाइयां दीं और सदाकत आश्रम परिसर में पार्टी का झंडा शान से लहराया।
कांग्रेस नेताओं का स्पष्ट कहना है कि यह विजय मार्च केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उन तमाम छात्र संगठनों और युवाओं के संघर्ष की जीत है जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे।

मुजफ्फरपुर में निकला मशाल जुलूस और विरोध प्रदर्शन
एक तरफ जहां पटना में जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर जिले में छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का एक अलग रूप दिखाया। यहां जिला स्कूल से लेकर जुब्बा सहनी पार्क तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया।
इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के युवाओं और विद्यार्थियों की आवाज को दबाने की कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पार्टी का साफ तौर पर मानना है कि देश के युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
इन आयोजनों के माध्यम से कांग्रेस ने देश भर के विद्यार्थियों और युवाओं के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि वह छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों, एक निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली तथा एक सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की मांग को प्रमुखता से उठाती रहेगी।
कांग्रेस का यह भी कहना है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनका यह संघर्ष यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि वे आगे भी इस दिशा में अपना संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे।


