इस बार देश में गर्मी का भारी प्रकोप देखने को मिला. अल नीनो इसके पीछे का बड़ा कारण बताया गया. हालांकि, देश में मानसून की एंट्री हो चुकी है लेकिन अधिकांश हिस्सों में यह अभी तक नहीं पंहुचा है. इसका सीधा असर अब महाराष्ट्र के बीड जिले में देखने को मिल रहा है जहां इस समय भीषण पानी संकट ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में बारिश का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा। इस भयंकर सूखे की वजह से जिले के 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे गांवों समेत शहरों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी को तरस रहे हैं। कई जगहों पर यह संकट लोगों की चिंताएं बढ़ाने वाला बन गया है। संकट को देखते हुए प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि पानी की चोरी करने वालों पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
173 जलाशयों में सिर्फ 16.11 प्रतिशत पानी शेष
जिले के जल संसाधनों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, बीड के 173 छोटे-बड़े बांधों और तालाबों में अब केवल 16.11 प्रतिशत पानी बचा है। इनमें से 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि 79 जलाशय डेड स्टोरेज की स्थिति में पहुंच गए हैं, जहां से पानी निकालना लगभग असंभव हो गया है। केवल 13 जलाशयों में ही सीमित मात्रा में पानी शेष है, जो आने वाले दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
पानी की तलाश में सूखे तालाबों में गड्ढे खोद रहे लोग
जल संकट की गंभीरता का अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से लगाया जा सकता है। इन वीडियो में लोग सूखे तालाबों के बीच गड्ढे खोदकर पानी तलाशते दिखाई दे रहे हैं। कई गांवों में पेयजल की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
प्रशासन सख्त, पानी चोरी पर होगी कानूनी कार्रवाई
बढ़ते संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने स्पष्ट किया है कि पानी की चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में सीधे FIR दर्ज की जाएगी। जल संरक्षण विभाग के साथ हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान का बिजली कनेक्शन तत्काल काट दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टैंकरों और निजी कुओं के सहारे राहत प्रयास
लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने पानी आपूर्ति व्यवस्था को तेज कर दिया है। वर्तमान में 12 गांवों और 14 बस्तियों में 19 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 109 गांवों में स्थित 221 निजी कुओं का अधिग्रहण कर उन्हें जलापूर्ति के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि लोगों को इस भीषण जल संकट से जल्द राहत मिल सके।
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