राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रस्तुत शासकीय संकल्प पर चर्चा हो रही है। राज्यमंत्री कृष्णा गौर बोलीं- सदन में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। उनको उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक आकांक्षाओं को पंख लग जाएंगे। वो नहीं जानती थीं कि कांग्रेस और विपक्ष उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर देंगे
उनके सपनों को कुचलने का काम करेंगे।
पंचायतों में महिलाओं की संख्या अधिक
विधि शास्त्र का नियम है- जहां अधिकार है, वहीं उपचार है। यही अधिकार देने का मोदी ने प्रयास किया लेकिन कांग्रेस ने करोडों महिलाओं का अपमान किया है। 2010 में मनमोहन सरकार में राज्यसभा में बीजेपी ने महिला बिल पर सहयोग किया था। पंचायतों में महिलाओं की संख्या अधिक है लेकिन विधानसभा और लोकसभा में संख्या कम हो जाती है।
MP Assembly Session: मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने प्रस्तुत किया शासकीय संकल्प, विपक्ष ने किया वॉक आउट
झूठे दिलासे की आवश्यकता नहीं
मैं खुद ओबीसी वर्ग से आती हूं। ओबीसी महिलाओं को कांग्रेस की झूठे दिलासे की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। आने वाले समय में मातृशक्ति सूत सहित हिसाब लेगी, अपने अस्तित्व का हिसाब लेगी। राजनीति से उठकर मुख्यमंत्री के संकल्प का सहयोग दीजिए।
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भस्मासुर को मारने के लिए मोहनी रूप
दिल्ली की गलती मप्र कांग्रेस सुधार सकती है। कौरवों के आगे प्रस्ताव रखा था लेकिन नहीं माना गया और क्या हश्र हुआ। यदुवंशी के वंशज डॉ मोहन यादव ने आपके सामने प्रस्ताव रखा है, प्रस्ताव स्वीकार कीजिए। कैलाश विजयवर्गीय बोले- आज मोहनी एकादशी है, ऐसा लग रहा है। भस्मासुर को मारने के लिए मोहनी रूप रखा है।
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