आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। दंतेवाड़ा जिले की अलनार लौह अयस्क खदान को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। बस्तरिया राज मोर्चा ने खदान संचालक कंपनी पर बड़े खनन घोटाले का आरोप लगाते हुए किरंदुल थाने में शिकायत दर्ज कर एफआईआर की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पिछले 9 वर्षों से खदान में वास्तविक खनन गतिविधियां नहीं हुईं, इसके बावजूद करीब 2 लाख 72 हजार टन लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन का रिकॉर्ड दर्शाया गया। संगठन ने फर्जी ट्रांजिट पास, कागजी परिवहन और दस्तावेजों में हेरफेर कर शासन को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

बस्तरिया राज मोर्चा का कहना है कि पूरे मामले में पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम और ग्राम सभा के अधिकारों की भी अनदेखी की गई है। साथ ही स्थानीय आदिवासियों को रोजगार नहीं देने का मुद्दा भी उठाया गया है।
संगठन ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि खदान में खनन नहीं हुआ, तो लाखों टन लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन का रिकॉर्ड आखिर कैसे तैयार हुआ? इसी सवाल को लेकर दंतेवाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
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