दीपावली के त्योहार को लेकर प्रवासियों में अभी से ही अपने घर लौटने की बेताबी साफ दिखने लगी है। आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट पर टिकट बुकिंग का सिलसिला शुरू होते ही ट्रेनों में मारामारी मच गई है। दिल्ली और अन्य महानगरों से बिहार आने वाली प्रमुख ट्रेनों की स्थिति यह है कि बुकिंग विंडो खुलते ही महज 30 मिनट के भीतर सभी सीटें फुल हो गईं और ‘नो-रूम’ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
ट्रेनों में नो-रूम और लंबी वेटिंग लिस्ट
दिवाली से ठीक पहले यानी 6 नवंबर की यात्रा के लिए जैसे ही बुकिंग खुली, एसी, इकोनॉमी और स्लीपर सभी श्रेणियों की सीटें मिनटों में बुक हो गईं। तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस और गरीब रथ समेत दिल्ली से पटना आने वाली करीब 12 प्रमुख ट्रेनों में एक भी सीट खाली नहीं बची है। स्थिति यह है कि 1 से 5 नवंबर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी स्लीपर से लेकर एसी कोच तक में 50 से 250 तक की वेटिंग लिस्ट चल रही है।
24 हजार से अधिक रिजर्व टिकट और फुल कोटा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल 6 नवंबर की यात्रा के लिए दिल्ली से पटना आने वाली मुख्य ट्रेनों में 24 हजार से ज्यादा रिजर्वेशन टिकट काटे जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 10 हजार वेटिंग टिकट भी कट चुके हैं, जिसके कारण वेटिंग का कोटा भी पूरी तरह भर गया है। दिल्ली के अलावा मुंबई, सूरत, पुणे, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे अन्य बड़े औद्योगिक शहरों से बिहार आने वाली ट्रेनों में भी बिल्कुल ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
स्पेशल ट्रेनों और बसों का इंतजार
पिछले साल 2025 में दीपावली और छठ के मौके पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने बिहार के लिए 600 फेरे विशेष ट्रेनें चलाई थीं। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने विभिन्न राज्यों से 200 स्पेशल बसों का संचालन किया था। हालांकि, इस साल अभी तक रेलवे या परिवहन विभाग की तरफ से ऐसी किसी भी अतिरिक्त विशेष सेवा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।
इन प्रमुख ट्रेनों में स्थिति हुई बेहाल
यात्रियों की अत्यधिक भीड़ के कारण 6 नवंबर की तारीख के लिए तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति, विक्रमशिला, श्रमजीवी, मगध, पूर्वा एक्सप्रेस, बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर सुपरफास्ट, डिब्रूगढ़ राजधानी, नॉर्थ ईस्ट, सीमांचल एक्सप्रेस, पटना एक्सप्रेस, संघमित्रा, महानंदा और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में पूरी तरह ‘नो-रूम’ हो चुका है।



