कैथल में आयोजित डीएलआरसी बैठक में एडीसी सुशील कुमार ने लंबित ऋण आवेदनों को प्राथमिकता से निपटाने और वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

राकेश कथूरिया, कैथल। जिला मुख्यालय स्थित सभागार में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा मार्च 2026 में समाप्त तिमाही के लिए जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC meeting Kaithal) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एडीसी सुशील कुमार ने की, जहाँ अग्रणी जिला प्रबंधक सुमन कुमार ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक के दौरान एडीसी ने वित्तीय समावेशन और ऋण वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों से कहा कि जिन संस्थाओं की वार्षिक ऋण योजना में उपलब्धि कम रही है, वे चालू तिमाही में विशेष प्रयास कर लक्ष्यों की भरपाई करें। एडीसी ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर विशेष जोर दिया।

ऋण आवेदनों का प्राथमिकता से निपटान

एडीसी सुशील कुमार ने पीएम स्वनिधि और मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के आवेदनों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने को कहा ताकि नागरिक डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक हो सकें। इस दौरान आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी दीपक सिंगला ने बताया कि जिले का ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) 120 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत से काफी अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में वार्षिक ऋण योजना के तहत जिले में 91 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति दर्ज की गई है। कृषि, एमएसएमई, आवास और शिक्षा ऋण जैसे क्षेत्रों में बैंकों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई है।

वित्तीय योजनाओं की गहन समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुरक्षा बीमा, जीवन ज्योति बीमा, अटल पेंशन और मुद्रा योजना जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। स्वयं सहायता समूहों (SHG) के क्रेडिट लिंकेज को तेज करने पर विशेष बल दिया गया। हरियाणा ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पियूष कुमार ने बैठक के समापन पर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आरबीआई के दीपक सिंगला, नाबार्ड के डीडीएम जगतार सिंह और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक समय पर पहुंचे। आने वाली तिमाही में इन लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए बैंकर्स को रणनीति बनाकर कार्य करने को कहा गया है।