करनाल पुलिस ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत घरौंडा के गांव पुंडरी में डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम चलाया। पुलिस ने ग्रामीणों को नशे के नुकसान बताए और हेल्पलाइन नंबर साझा किया।

सुमन चौहान, करनाल। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक करनाल के दिशा-निर्देशानुसार जिला पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सहायक उप निरीक्षक जगमाल सिंह के नेतृत्व में गठित नशा मुक्ति टीम ने थाना घरौंडा क्षेत्र के गांव पुंडरी में विशेष डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान का संचालन किया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने हर घर जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि यह पूरे परिवार के विघटन और समाज में आपराधिक प्रवृत्तियों के बढ़ने का मुख्य कारण भी बनता है।

युवाओं को सही राह दिखाने का प्रयास

पुलिस टीम ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को नशे की जड़ से दूर रहने की अपील की। उन्हें शिक्षा, खेलकूद और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे अपने जीवन में सही दिशा चुनकर एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। सहायक उप निरीक्षक जगमाल सिंह ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करें। पुलिस का मुख्य उद्देश्य समाज की युवा शक्ति को नशे की अंधेरी गलियों से बचाकर उन्हें देश के विकास की मुख्य धारा में शामिल करना है। उन्होंने ग्रामीणों को नशाखोरी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना

सहायक उप निरीक्षक जगमाल सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नशा बिक्री, सेवन अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना, MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 अथवा डायल 112 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी, जिससे ग्रामीण बिना किसी भय के सहयोग कर सकें। जिला पुलिस करनाल द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। करनाल पुलिस की यह मुहिम नशाखोरी को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।