दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती सिकलिन पीड़ित 22 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा के इलाज के दौरान सोमवार को हुई मौत को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह 2 सदस्यीय टीम गठित कर दी है। जांच टीम में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी शामिल है।
दोनों बुधवार को सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। शाम 5.30 बजे तक उन्होंने घटना के सभी पहलुओं जांचा परखा। सिविल सर्जन के कक्ष में मामले में कथित रूप से जिम्मेदार चिकित्सक, स्टाफ नर्स तथा कर्मचारियों के बारी बारी से बयान लिए। यानी करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई। सभी से बयान लेने के बाद जांच टीम द्वारा रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर कांग्रेस ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए सिविल सर्जन आशीषन मिंज को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मामले में दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों ने दीपिका की मौत के लिए जिला अस्पताल दुर्ग के चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दीपिका को ब्लड चढ़ाया जाना था, इसके उलट परिजनों को ही ब्लड का इंतजाम करने कहा गया। ब्लड का इंतजाम करने में हुई देरी की वजह से दीपिका की मौत हो गई। मामले में ब्लड बैंक के अधिकारियों ने चौंकाने वाली बात सामने रखी है कि जब परिजनों को ब्लड के लिए कहा गया, तो महिला मेडिसिन वार्ड से ब्लड सैंपल तथा मांग पत्र भेजा जाना था। ऐसा नहीं किया गया। केवल आवेदन लेकर ब्लड बैंक भेज दिया गया।
वहीं दूसरी ओर लाइफ़ सेविंग की स्थिति निर्मित होती है, तो बिना डोनेटर के ब्लड उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार सिकलिन मरीजों को भी बिना देरी किए ब्लड दिया जाता है। ऐसा लगता है कि दीपिका के मामले में ब्लड इंतजाम करने के इस तरह के प्रयास ही नहीं किए गए।
परिजनों की शिकायत पर जांच कमेटी मृतक दीपिका की माता नीमा बाई गाड़ा पति मन्नू राम गाड़ा का निवास एचएचसीएल कॉलोनी, वार्ड नं. 17 स्टेशन मड़ोदा भिलाई है। दीपिका की तबीयत खराब होने पर उसे 30 मई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 1 जून को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही पर रखने का आरोप लगाया। कलेक्टर से इसकी शिकायत की गई, जिसे संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने जांच करने समिति बैठाई ।
कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट : जांच टीम के सदस्य अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि दीपिका की मौत के मामले को लेकर अलग-अलग विभागों के चिकित्सकों तथा कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं। इसके बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
पैसा मांगने का वीडियो वायरल, दुर्ग पुलिस के दो उप निरीक्षक निलंबित
भिलाईनगर। दुर्ग जिले में एक आपराधिक प्रकरण के आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसे मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ उप निरीक्षक तुलसीराम साहू तथा थाना खुर्सीपार में पदस्थ उप निरीक्षक देवलाल साहू के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दोनों पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें एक मामले में आरोपी पक्ष से पैसे मांगने की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है।
आदेश में कहा है कि वायरल वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया दोनों उप निरीक्षकों का आचरण संदिग्ध एवं विभागीय मर्यादा के विपरीत प्रतीत होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय रक्षित केंद्र, दुर्ग निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक छावनी को प्रारंभिक जांच कर तीन दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग से 3 जून को जारी किया गया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को वायरल वीडियो प्रकरण में त्वरित अनुशासनात्मक कदम माना जा रहा है।
फार्म हाउस के केयर टेकर की हत्या के आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। दुर्ग के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में अपनी अपनी पत्नी पर शंका कर मारपीट करने वाले व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। मामले में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के मोहन्दी गांव में अभनपुर निवासी नीलकंठ साहू और उनकी पत्नी बच्चों सहित मोहन्दी के यादव फार्म हाउस में मजदूरी और देखकर का काम करते थे, और फार्म हाउस के एक झोपड़ी में ही निवास करते थे। 1 जून 2026 की रात को मृतक नीलकंठ साहू द्वारा पत्नी सावित्री साहू पर चरित्र शंका को लेकर विवाद कर रहा था।
इस दौरान पड़ोस में खान बाड़ी में देखरेख का काम करने वाले राजेश वर्मा, अमर सिंह ने नीलकंठ साहू को पत्नी सावित्री साहू को डंडे से पिटाई करते देख जमकर पिटाई कर दी गई। इस घटना में सिर, पैर, सीने, हाथ मे गंभीर चोट पहुंचने से नीलकंठ की 2 जून को मौत हो गई. मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर आरोपी मोहन्दी निवासी राजेश वर्मा और अमर सिंह को गैर इरादतन हत्या की धारा 103(1), 3 (5) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
ठेकेदारों, क्रेन आपरेटों के साथ कर्मचारियों का बीएसपी ने दिया पुलिस को रिकार्ड
भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में 250 टन लोहा चोरी मामले में बीएसपी को पत्र लिखकर पुलिस ने जानकारी मांगी थी। अब वह रिकार्ड बीएसपी ने पुलिस को दे दिया है। इस दिशा में पुलिस की जांच में अब नया मोड़ आ गया है। पुलिस उसी के आधार पर तहकीकात शुरु कर दी है। वहीं 9 दिन बाद भी ट्रांसपोर्टर संजय सिंह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ संदिग्ध वाहनों को एसएमएस-3 क्षेत्र के पास खड़ा कर उनके जीपीएस उपकरण निकाल दिए जाते थे। इसके बाद कथित रुप से वाहनों में लोहा स्क्रैप और अन्य सामग्री लोड की जाती थी। आरोप है कि वाहन दोबारा वे ब्रिज से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्गों से बाहर निकल जाते थे। पुलिस सीसीटीवी फुजेट व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगहों पर चोरी होती थी उस संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं थी। निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। बता दें कि बीएसपी में ब्लू डस्ट परिवहन का ठेका हिमांशु ब्रदर्स व आरडीके को मिला है।
बीएसपी क्यों नहीं करता गाड़ियों का वैरिफिकेशन, बड़ा सवाल
पुलिस ने बीएसपी में लोहा चोरी मामले का खुलासा किया तो जो गाड़ियां जब्त की वह फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग होना पाया गया है। इस आधार से बीएसपी के अंदर रोजाना बिना नंबर व फर्जी प्लेट लगाकर बीएसपी के अंदर जाती है और बड़े आसानी से निकल रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि बीएसपी के अंदर चोरी की गाड़ियां भी चल रही है। ओवर लोड गाड़ियां कैसे निकल रही है। आखिर गाड़ियों की वैरिफिकेशन क्यों नहीं होती है। अगर जांच होगी तो और भी चोरियों का खुलासा होने की संभावना है।
बीएसपी से लोहा चोरी की सीबीआई जांच हो – कुरैशी
पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमार स्वामी स्टील मिनिस्ट्री एवं सेन्ट्रल विजलिंस, भिलाई इस्पात संयंत्र प्रभारी महाप्रबंधक सतर्कता एवं अपर मुख्य सतर्कता अधिकारी (एसीवीओ) सुनील सिंघल एवं चितरंजन महापात्र डायरेक्टर इंचार्ज को फैक्स भेजकर 26 मई को फ्लू डस्ट के साथ लौह सामग्री की चोरी के मामले की तत्काल सीबीआई जांच की मांग की है।
काल सेंटर में काम करने वाली युवती से ढाबा संचालक ने किया दुष्कर्म, युवती ने की आत्महत्या
राजनांदगांव। टेडेसरा स्थित कॉल सेंटर में काम करने वाली नाबालिग युवती से एक ढाबा संचालक द्वारा दुष्कर्म किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। किराए के मकान में रहने वाली युवती जब प्रताड़ना से तंग आकर जब भी घर जाने की बात कहती तो आरोपी ढाबा संचालक उसे कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट करता था। लगातार प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार युवती ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोमनी पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवती की मां ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि इनकी नाबालिग पुत्री 2-3 माह पूर्व कॉल सेंटर में काम करने टेडेसरा राजनांदगांव आयी थी, जो टेडेसरा में रंजित सिंग के ढाबा में रहती थी। करीबन 15 दिनों से टेडेसरा के किराए के मकान में रहने लगी थी. उसने बताया कि रंजित सिंग पीड़िता के साथ मारपीट कर जबरदस्ती शारिरिक संबंध बनाता है, और घर जाने की बात करने पर कमरे में बंद कर देता है। जिस कारण पीड़िता द्वारा आत्यहत्या किया गया। रिपोर्ट दर्ज कराने पर आरोपी रंजित सिंग के विरूद्ध धारा 64,127 (2), 108 बीएनएस 3,4 पाक्सो एक्ट का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण नाबालिक बालिका संबंधी गंभीर प्रकृति का होने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक दिलीप पटेल के नेतृत्व में थाना सोमनी पुलिस की टीम गठित कर प्रकरण के आरोपी रंजीत सिंग पिता शीतल सिंग (22 साल) को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जुर्म करना स्वीकार किया. जिसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
सरपंच संघ अध्यक्ष कैलाश ऊके के खिलाफअविश्वास प्रस्ताव
डोंगरगढ़। वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत बोरतलाव में पंचायत राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सरपंच संघ डोंगरगढ़ के अध्यक्ष कैलाश ऊके के खिलाफ पंचायत के 20 में से 18 निर्वाचित पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की पहल की है। बुधवार को पंचों ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन सौंपते हुए सरपंच को पद से हटाने की मांग की।
पंचों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में पंचायत संचालन में मनमानी, पारदर्शिता की कमी तथा विकास कार्यों की उपेक्षा जैसे आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों में वार्ड पंचों की सहमति नहीं ली जाती तथा कई मामलों में उन्हें विश्वास में लिए बिना निर्णय लिए जाते हैं। पंचों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में पेयजल, सड़क, नाली निर्माण और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की गई है। साथ ही पंचायत राज अधिनियम के तहत नियमित आयोजित होने वाली मासिक बैठकों का भी पालन नहीं किया गया, जिससे रूप से वार्डों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
एसडीएम को सौंपे गए आवेदन में 20 में से 18 पंचों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। पंचों का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए आवश्यक समर्थन उन्हें प्राप्त है। आवेदन के साथ हस्ताक्षर एवं पहचान संबंधी दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। अब प्रशासन द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तिथि निर्धारित की जाएगी। नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव के पंचायत दौरान सरपंच को अपना पद बचाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाना होगा । हालांकि 20 में से 18 पंचों के प्रस्ताव के पक्ष में आने से सरपंच कैलाश ऊके की स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
पीएम आवास में सुस्ती पर हितग्राही एसडीएम कोर्ट में तलब
खैरागढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत मकानों के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लंबे समय से अधूरे अथवा प्रारंभ नहीं किए गए आवासों के मामलों की सुनवाई करते हुए एसडीएम न्यायालय ने 35 हितग्राहियों को पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए। जानकारी अनुसार जनपद पंचायत खैरागढ़ क्षेत्र में वर्ष 2016 से 2025 के बीच स्वीकृत की ऐसे 1008 आवास चिन्हित किए गए हैं जिनका निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है या काम शुरू ही नहीं हुआ है।
शासन के निर्देश पर इन मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू गई है। बुधवार को ग्राम पंचायत देवरी, महरूमकला और कुकुरमुड़ा के 35 हितग्राही न्यायालय में उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान सभी को अंतिम अवसर देते हुए अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगली सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर पुलिस की सहायता से न्यायालय में उपस्थित कराया जाएगा।
सुनवाई के दौरान कुकुरमुड़ा निवासी सुशील कुमार साहू का मामला भी सामने आया। प्रथम किश्त प्राप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किए जाने पर उनका आवास स्वीकृति आदेश निरस्त कर दिया गया है। साथ ही प्राप्त शासकीय राशि 15 दिनों के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में राशि वापस नहीं करने पर राजस्व वसूली सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालय में उपस्थित अन्य हितग्राहियों ने निर्माण कार्य में हुई देरी स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन कि वे निर्धारित समय सीमा में आवास पूर्ण करेंगे। एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू ने कहा कि हितग्राहियों को राशि मिलने के बाद निर्धारित अवधि में निर्माण शुरू करना और छह माह के भीतर आवास पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होंने पंचायत एवं जनपद स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लगातार उदासीनता बरतने वाले हितग्राहियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं तथा सुधार नहीं होने पर प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए एसडीएम कार्यालय भेजे जाएं।
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