भिलाईनगर। भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस यूनियन का आम चुनाव में सर्वसम्मति से एचएस मिश्रा अध्यक्ष, डीके सिंह महासचिव निर्वाचित हुए। सहायक श्रमायुक्त दुर्ग पायल शर्मा निष्पक्ष चुनाव कराने उपस्थित रहीं। उनके सहयोगी के रूप में पाल एवं वसंत वर्मा भी थे। संचालक प्रमोद कुमार मिश्र ने आम सभा की अध्यक्षता हेतु नाम मांगा। डीके सिंह ने प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ एचएस मिश्रा के नाम का प्रस्ताव रखा।

यह भी पढ़ें : CG Morning News: CM हाउस में मनेगा हरेली तिहार… बस्तर तिरंगा यात्रा आज से शुरू… बस्तर दशहरा का होगा आगाज… पढ़ें और भी खबरें

प्रमोद कुमार मिश्र के प्रस्ताव मांगने पर डी के सिंह ने सम्मानित सदस्यों के नाम पढ़ कर सदन को सुनाया। भिलाई श्रमिक सभा यूनियन के अध्यक्ष पद हेतु डीके सिंह ने एच एस मिश्रा का नाम प्रस्तावित किया जिसका समर्थन हरिराम यादव एवं टीका राम साहू ने किया। पूरे सदन ने हाथ उठा कर इस प्रस्ताव का समर्थन किया। अन्य कोई प्रस्ताव नहीं आने पर चुनाव अधिकारी ने एच एस मिश्रा को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किया।

जे के गहने ने डीके सिंह के नाम का प्रस्ताव महासचिव पद हेतु दिया। इसका धनीराम सोनवानी एवं राजेश शर्मा ने समर्थन किया। चुनाव अधिकारी ने डी के सिंह को महासचिव पद पर निर्वाचित घोषित किया। एच एस मिश्रा एवं डी के सिंह ने शेष पदाधिकारियों को चुनने चुनाव अधिकारी से आधे घंटे का समय मांगा। आधे घंटे बाद महासचिव डी के सिंह ने समस्त पदाधिकारियों का नाम पढ़ कर सुनाया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष एचएस मिश्रा ने प्रदेश में ठेका श्रमिकों की स्थिति स्पष्ट की। भिलाई इस्पात संयंत्र में भी यूनियन को मजबूत करने का आव्हान किया। धन्यवाद ज्ञापन नवनिर्वाचित महासचिव डी के सिंह किया। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि पूरे यूनियन को मजबूत करने जो भी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए वे सभी कदम यूनियन उठाएगी।

इस आम सभा में एच एस मिश्रा, प्रेम सिंह चंदेल, जी जोगेंद्र राव, हरिराम यादव, डीके सिंह, अशोक पंडा, जे के गहिने, एमके जगदाले, आदित्य माथुर, वीके पांडे, वीके सिंह देशराज प्रसाद, त्रिलोक मिश्रा, एन के सिंह, अनिल कुमार जैन, राजेश शर्मा, नितेंद्र देशलहरे, विनोद कुमार, रघुवर गोंड, डी आर सोनवानी, टीकाराम साहू, विष्णु कुमार पटेल, नरेंद्र कुमार पटेल, कृष्ण बलराम यादव मौजूद थे।

शिक्षक भर्ती में विज्ञान, जीव विज्ञान व रसायन शिक्षकों के पद भी करें शामिल

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती 2026 को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती में आवश्यक विषयवार पदों को शामिल करने तथा सीटीईटी से संबंधित आवेदन प्रक्रिया में तत्काल संशोधन की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक के पर्याप्त पदों के साथ-साथ जीव विज्ञान व्याख्याता एवं रसायन व्याख्याता के पद शामिल नहीं किए गए हैं, जबकि शासकीय विद्यालयों में विज्ञान विषयों के शिक्षकों एवं व्याख्याताओं की आवश्यकता लगातार हुई है।

अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती 2026 में विज्ञान शिक्षक, जीव विज्ञान व्याख्याता एवं रसायन व्याख्याता के रिक्त पदों का विभागीय स्तर पर पुनः परीक्षण कर आवश्यकतानुसार पदों की संख्या बढ़ाई जाए तथा संशोधित भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। दूसरी बड़ी समस्या सीटीईटी को लेकर है। सीटीईटी परीक्षा 6 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली है। अनेक बीएड अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं।

अभ्यर्थियों ने बताया कि पूर्व की भर्ती प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था रही है कि अभ्यर्थी परिणाम जारी होने तक आवश्यक पात्रता प्राप्त कर लेता था तो उसे पात्रता का अवसर मिलता था। लेकिन वर्तमान ऑनलाइन आवेदन में सीटीईटी रोल नंबर को रिकार्डेड फाइल बनाया गया है। इसके कारण आगामी सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने वाले बीएड अभ्यर्थी, जिनके पास अभी सीटीईटी रोल नंबर उपलब्ध नहीं है।

अनियमितता पाये जाने पर कृषि केन्द्र से 825 बोरी उर्वरक राजसात

दुर्ग। अनियमितता पाये जाने के मामले में जिले के एक कृषि केन्द्र की 825 बोरी उर्वरक राजसात की गई है। साथ ही उक्त कृषि केन्द्र का लाइसेंस भी निरस्त करने आदेश जारी किया गया। यहां जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल को जांच में अनेक प्रकार की गड़बड़ियां मिली थी।

गौरतलब है कि खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निगरानी की जा रही है । इसी कड़ी में निरीक्षण दल एवं उर्वरक निरीक्षक द्वारा 13 जून एवं 16 जून को मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था।

निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमिताओं जैसे उर्वरकों के दर एवं पॉस मशीन के अनुसार स्कंध का सही उल्लेख न होना, कैश एवं क्रेडिट मेमो जारी न करना, बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) में प्रविष्ट उर्वरक का भण्डारण, जांच में सहयोग न करना, भौतिक स्टॉक एवं पॉस स्टॉक में अंतर, तथा जांच दल की कार्यवाही में बाधा पहुंचाना पाया गया। जिस हेतु विक्रय क्रेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जप्ती की कार्यवाही की गई थी।

उपसंचालक कृषि का कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के उपरांत यह पाया गया कि निरीक्षण तिथि में नियम विरुद्ध उर्वरकों का भण्डारण व विक्रय किया जा रहा था, जो उर्वरक ( नियंत्रण) आदेश 1985, के खण्ड 4, 5, 8 ( 3 ), 28 (4), उर्वरक ( संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 खण्ड 3 (a), व डीबीटी पद फर्टिलाइजर तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 (ए) (1) के तहत रसायनिक खाद 514 बोरी, जैविक खाद 311 बोरी एवं जैव उत्प्रेरक 1.8 कि.ग्रा. जब्ती कर राजसात करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

किराए की गाड़ी दुर्घटना होने पर रकम के लिए मारपीट करने वाले गिरफ्तार

दुर्ग। सेल्फ ड्राइव वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर 2 लाख रुपए की मांग कर आरोपियों द्वारा युवकों को जबरन अपने साथ ले जाकर मारपीट करने वाले मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार लग्जरी वाहन जब्त किए हैं। पद्मनाभपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस ने बताया कि 7 अगस्त को प्रार्थिया द्वारा थाना पद्मनाभपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि कर्मचारी नगर दुर्ग स्थित सेल्फ ड्राइव टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक द्वारा कार एवं अन्य लग्जरी चार पहिया वाहन सेल्फ ड्राइव हेतु किराए पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

एक माह पूर्व प्रार्थिया के वयस्क पुत्र एवं उसके साथियों द्वारा एक कार सेल्फ ड्राइव के लिए किराए पर ली गई थी जिसमें स्कोडा रैपिड वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। 6 अगस्त को आरोपी ऋषि बघेल द्वारा अपने साथी प्रियांशु मंडल के साथ एसयूवी 500 वाहन में आया। बोरसी सोसायटी चौक महावीर ग्राउंड के पास से संबंधित युवकों को जबरन वाहन में बैठा कर ले गए और अंजोरा स्थित एक मार्ट के सामने स्कोडा रेपिड की मरम्मत के हर्जाने के रूप में 2 लाख रुपए की मांग करते हुए मारपीट की गई है।

शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 137 (2), 115 (2), 110, 125, 3 ( 5 ) तथा मोटर यान अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया था। आरोपियों की पहचान कर ऋषि बघेल उर्फ राज निवासी कर्मचारी नगर दुर्ग एवं प्रियांशु मंडल निवासी ग्राम फुलझर थाना सोमनी को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया है।

यह वाहन किए गए जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से डिजायर वाहन सीजी 10 ए एक्स 3249, ओडी वाहन सीजी 04 डी क्यू 1000, स्कोडा रेपिड वाहन सीजी 13 यू 2251 तथा एक्सयूवी 500 सी जी 12 सी 3930 जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपए है को जब्त किया है।

पुलिस ने की नागरिकों से अपील पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है। कि वाहन किराए पर देने अथवा लेने के दौरान आवश्यक दस्तावेज एवं वैधानिक शर्तों का पालन करें। किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने या आर्थिक विवाद की स्थिति में स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस अथवा संबंधित वैधानिक माध्यम से शिकायत करें। किसी व्यक्ति को जबरन ले जाना, मारपीट करना अथवा दबाव पूर्वक राशि की मांग करना कानूनी अपराध है।

नगर निगम के 4 कर्मचारियों का स्थानांतरण, 1 उप अभियंता की पदस्थापना

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आयुक्त ने 4 कर्मचारियों का स्थानांतरण, 1 उप अभियंता की पदस्थापना की है। सहायक अधीक्षक श्रीमती रीता चतुर्वेदी जोन 4 को खाद्य, जनगणना विभाग, सहायक ग्रेड-2 विकास बेलकर, अपर आयुक्त कक्ष वतर्मान अधिकारी के कार्य के साथ-साथ प्रथम अपीलिय लिपिकीय कार्य, सहायक राजस्व निरीक्षक निशांत मानिक प्रथम अपीलिय कक्ष परियोजना विभाग व पम्प सहायक रोहित कुमार बंजारे, परियोजना विभाग से जोन 4 लोक कर्म विभाग में पदस्थ किया है। शालिनी गुरव, सहायक अधीक्षक जनगणना, खाद्य विभाग के दायित्वों से मुक्त रहेंगी। उप अभियंता पुष्कर चन्द्राकर ने निगम भिलाई में कायर्भार ग्रहण कर लिया गया है। उन्हें जोन कार्यालय 1 नेहरू नगर में पदस्थ किया गया है।

ऑटो सवार से रकम छीनकर भागने वाले गिरफ्तार

भिलाईनगर। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 9 अगस्त को प्रार्थी उमाशंकर प्रसाद श्रीवास्तव ने थाना छावनीमें रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह पावर हाउस से सामान खरीदकर ऑटो से कैलाश नगर जामुल स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान महाराणा प्रताप बरदाना दुकान के पास ऑटो चालक ने ऑटो रोक दिया तथा उसके साथी के साथ • मिलकर प्रार्थी की जेब से 2,500 छीनकर दोनों आरोपी मौके से भागने लगे।

रिपोर्ट पर थाना छावनी में धारा 304 (2), 3 ( 5 ) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस टीम विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों सुलेन्दर सिंह उर्फ मोना (42 वर्ष) निवासी सुभाष चौक कैम्प-01 और आरिफ खान (44 वर्ष) निवासी सुभाष चौक कैम्प-01 को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने प्रार्थी की जेब से 2,500 छीनकर ले जाना स्वीकारकिया। अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बरसात के सीजन में रेत की कीमत में आई उछाल

दुर्ग । बरसात के सीजन आने के बाद से रेत की कीमत में उछाल आ गया है। रेत का अवैध भण्डारण की शिकायते आने लगी। रेत की जमाखोरी कर कोई भी व्यक्ति इसका काला बाजारी न करने पाए इसके लिए खनिज महकमा की टीम सतत निगरानी करने के साथ समय समय पर दबिश देकर कार्रवाई की जा रही है।

इसी कड़ी में अवैध भण्डारण की मिल रही शिकायतों पर खनिज महकमा की टीम ने भिलाई क्षेत्र में कार्रवाई की। जहां अवैध रूप से भण्डारण कर रखे 100 क्यूबिक मीटर रेत जब्त किया है। गैरतलब है कि एक माह पहले तक प्रति हाईवा रेत उपभोक्ताओं को 11 हजार रुपए पर मिल रहा था, जो वर्तमान में 14 हजार रुपए में मिल रही है। इसी प्रकार जो प्लास्टर वाला रेत 15 से 16 हजार रुपए मिल रहा था वह प्रति हाइवा 20 से 21 हजार रुपए में मिल रहा है।

यहां बताना लाजिमी है कि जिले में रेत भंडारण के लिए कुल 7 लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं, मगर कई लोग बिना अनुमति भी रेत भण्डारण करके रखे हैं।

कलेक्टर ने खनिज महकमा को अवैध खनिज भण्डारण एवं परिवहन के मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिसके मद्देनजर जिला खनिज अधिकारी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में सहायक खनिज अधिकारी दीपक तिवारी एवं खनिज निरीक्षक गोपाल दास टण्डन ने भगवा चौक कोहका कुरुद में दबिश देकर जांच की, जहां उन्होंने श्रेया ट्रेडर्स द्वारा अवैध रूप से रेत भण्डारण करना पाया गया। मामले संबंधित व्यक्ति पर 49000 रुपए जुर्माना आरोपित किया गया है।

इसी प्रकार विभाग की टीम ने खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की भी जिले में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर जांच की। इस दौरान पुलगांव चौक में एक वाहन में ईंट का अवैध परिवहन करना पाया गया, जिसे जब्त कर संबंधित थाना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में दिए गए हैं। मामले में खनिज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर 26000 रुपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।

जल रक्षा भिलाई का शुभारंभ

भिलाईनगर। शहर में जल संकट और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई ने आईआईटी भिलाई और केंद्रीय भूजल बोर्ड ( सीजीडब्ल्यूबी) के सहयोग से जल रक्षा भिलाई नामक एकीकृत जल संरक्षण एवं प्रबंधन पहल शुरू करने का निर्णय लिया है।

बैठक में तय किया गया कि भिलाई में वैज्ञानिक जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, शहरी जल निकासी की योजना, जलभराव की रोकथाम और जल गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। परियोजना के तहत 10 बिंदुओं पर काम होगा जीआईएस तकनीक से भिलाई के जलभराव रोकने के लिए कम प्राकृतिक जल निकासी तंत्र की पहचान, लागत वाले समाधान, सीवेज और जलापूर्ति लाइनों का अध्ययन कर समस्या- ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान, भूजल मानचित्रण कर अधिकतम पुनर्भरण वाले क्षेत्रों में संरचनाएं बनाना, सतही जल पर निर्भरता बढ़ाने के उपाय, रासायनिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों का मानचित्रण और वैज्ञानिक उपचार, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में सुधार और प्रशिक्षण, हैंड- होल्डिंग और दस्तावेजीकरण पर जोर देना है। सभी संरचनाओं का निर्माण 2027-28 के मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

4 मुख्य समस्याओं को किया चिन्हित – ग्रीष्म ऋतु में जल की कम उपलब्धता, वर्षा ऋतु में अत्यधिक जलभराव, पेयजल में सीवेज के पानी का मिश्रण जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या व जल के पुनः उपयोग की तत्काल बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कम दर है। इसके अलावा बैठक में और प्राक्कलनों की तत्काल स्वीकृति पर सहमति बनी।

अनादरित चेक पर आरोपी को नौ साल बाद मिली सजा

दुर्ग। बैंक द्वारा लिए गए ऋण की राशि अदा करने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया चेक अपर्याप्त निधि होने के कारण अनादरित हो जाने पर न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग आकांक्षा राठौर की कोर्ट ने आरोपी पुरुषोत्तम बंसोड़ निवासी गणेश चौक कृष्णा नगर सुपेला को धारा 138 के तहत 3 माह के सश्रम कारावास तथा धारा 357 (3) के तहत प्रतिकर राशि 50,000 रुपए तीन माह के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। राशि अदा न करने पर 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। परिवादी क्षेत्रीय बैंक प्रबंधन एनी अंसारी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शफीक खान ने पैरवी की थी।

अभियुक्त पुरुषोत्तम बंसोड़ ने 11 सितंबर 2015 को 1,90,000 रुपए का बैण्ड एवं लाइट सजावट लोन लिया था। जिसके लिए अभियुक्त ने बैंक द्वारा लोन प्राप्त करने के लिए आवश्यक आवेदन, जमानत नामा, प्रतिज्ञा राज्य ग्रामीण बैंक शाखा सुपेला जिला दुर्ग द्वारा ऋण प्रदान पत्र आदि निष्पादित किया था। परिवादी के छत्तीसगढ़ किया गया था। किस्त की राशि के भुगतान स्वरूप एक चेक बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र शाखा भिलाई का 13 अक्टूबर 2017 को 43000 का चेक आरोपी द्वारा बैंक संस्थान को दिया गया था।

जब उक्त चेक को परिवादी क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने बैंक संस्थान के खाते में रकम प्राप्त करने के लिए जमा किया तो छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा सुपेला द्वारा जानकारी दी गई कि खाते में रकम नहीं है। इस कारण चेक अनादरित हो गया। 18 अक्टूबर 2017 को परिवादी द्वारा चेक अनादरण की सूचना अभियुक्त को दी गई एवं रजिस्ट्री पत्र भी भेजा गया परंतु अभियुक्त द्वारा चेक में वर्णित राशि का भुगतान परिवादी को नहीं किया गया था और न ही नोटिस का जवाब दिया गया था।

अवैध प्रवासियों की जानकारी अब 24 घंटे पुलिस तक पहुंचा सकेंगे नागरिक

खैरागढ़। जिले में कानून-व्यवस्था और आंतरिक छुईखदान – गंडई पुलिस ने आम नागरिकों से संदिग्ध एवं अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खैरागढ़- छत्तीसगढ़ पुलिस की राज्यव्यापी टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 जारी की गई है। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास किसी ऐसे व्यक्ति के रहने की जानकारी मिलती है जिसके भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने या बिना वैध दस्तावेजों के निवास करने का संदेह हो तो इसकी सूचना हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस को दी जा सकती है। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों असामान्य आवाजाही अथवा संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय या अन्य जा सकती है।

सहायता दिए जाने की जानकारी भी पुलिस पुलिस ने नागरिकों से स्पष्ट रूप से तक पहुंचाई कहा है कि किसी व्यक्ति की भाषा पहनावे क्षेत्र समुदाय अथवा सामान्य पहचान के आधार पर उसके बारे में निष्कर्ष न निकालें। केवल तथ्यात्मक जानकारी और वास्तविक रूप से संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में ही पुलिस को सूचना दें। प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का पुलिस द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

हेल्पलाइन नंबर : 1800- 233-1905 सुविधा : टोल फ्री 24 घंटे गोपनीय

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि हेल्पलाइन पर दी जाने वाली सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा। नागरिक बिना किसी भय या संकोच के संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि समय पर मिलने वाली सूचनाएं जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मददगार साबित होंगी।

उद्घाटन के सालभर बाद भी शुरू नहीं हुआ ब्लड बैंक

छुईखदान। क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर रक्त उपलब्ध कराने की उम्मीद एक बार फिर लंबी होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के छुईखदान में ब्लड बैंक भवन के उद्घाटन के करीब एक साल बाद भी यहां ब्लड बैंक का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।

करीब 30 लाख रुपए की लागत से तैयार भवन उपयोग में नहीं आने के कारण अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। वहीं गंभीर मरीजों के परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए राजनांदगांव दुर्ग-भिलाई और रायपुर तक जाना पड़ रहा है।

बताया गया कि 13 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के खैरागढ़ प्रवास के दौरान छुईखदान में लंबे समय से चली आ रही ब्लड बैंक की मांग को लेकर पहल हुई थी। इसके बाद भवन तैयार कर उसका उद्घाटन भी कर दिया गया है।

उस समय क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि ब्लड बैंक की जल्द ही सुविधा शुरू हो जाएगी और आपात स्थिति में मरीजों को रक्त के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा । लेकिन करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी है।

भवन तैयार, व्यवस्था का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा कुछ जरूरी और महंगे उपकरणों की उपलब्धता भी शेष बताई जा रही है। इन्हीं प्रक्रियाओं के कारण ब्लड बैंक का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।

ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब ब्लड बैंक के संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति और उपकरणों की व्यवस्था पूरी नहीं हुई थी तब भवन का उद्घाटन क्यों किया गया। यदि निर्माण के साथ ही लाइसेंस और उपकरणों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाती तो अब तक क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सकता था। आपात स्थिति में बढ़ जाती है परेशानी छुईखदान के अलावा आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के मरीज भी स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर हैं।

दुर्घटना प्रसव ऑपरेशन अथवा अन्य गंभीर बीमारी के मामलों में रक्त की तत्काल जरूरत पड़ने पर मरीज के परिजनों को दूसरे शहरों की ओर दौड़ लगानी पड़ती है। आपात स्थिति में दूरी और समय दोनों ही बड़ी चुनौती बन जाते हैं। स्थानीय स्तर पर ब्लड बैंक शुरू होने से छुईखदान के साथ आसपास के गांवों के मरीजों को भी राहत मिल सकती है। विशेषकर गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान समय पर रक्त उपलब्ध कराने में यह सुविधा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है ।

उद्घाटन के बाद कब तक इंतजार ?

छुईखदान में ब्लड बैंक का भवन तैयार होने के बावजूद इसका संचालन शुरू नहीं होने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि लंबित लाइसेंस और उपकरणों की प्रक्रिया कब पूरी होगी और करीब एक साल से तैयार भवन वास्तव में मरीजों के काम कब आएगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m