दुर्ग। पोल्ट्री फार्म की जमीन पर बनने वाला प्रोजेक्ट अब अस्तित्व में आते दिख रहा है। स्थानीय प्रशासन की मंजूरी के बाद अब कैबिनेट का इंतजार है। पोल्ट्री फार्म की 38.45 एकड़ जमीन की एनओसी का रास्ता हाउसिंग बोर्ड के लिए साफ नजर आने लगा है।

यह भी पढ़ें : CG Morning News : CM विष्णु देव करेंगे नए BJP कार्यालय का लोकार्पण… साय कैबिनेट की होगी बैठक… स्व. तीजन बाई को मुक्ताकाशी मंच से दी जाएगी श्रद्धांजलि… 10वीं-12वीं की दूसरी परीक्षा आज से… पढ़ें और भी खबरें

दुर्ग शहर को संवारने हाउसिंग बोर्ड द्वारा 195 करोड़ का ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। कलेक्ट्रेट में कंपोजिट बिल्डिंग के लिए 40 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। हालांकि इस कंपोजिट बिल्डिंग निर्माण की घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की पहल से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग प्रवास के दौरान की थी। वहीं 5.95 एकड़ जमीन पर 81.80 करोड़ रुपए से 336 सरकारी आवास का प्रावधान किया गया है।

narayana

पोल्ट्री फार्म की 5 एकड जमीन पर ऑक्सीजोन बनाने 10 करोड़ खर्च किए जाएंगे। शासन की रिडेवलपमेंट योजना के तहत पोल्ट्री फार्म की जमीन हाउसिंग बोर्ड को एलाट की गई है। पोल्ट्री फार्म की 38.45 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री हाउसिंग बोर्ड के नाम 1 जनवरी 2024 को हुआ। 30 वर्ष के लिए पट्टा पंजीयन के लिए 6 करोड़ 41 लाख रुपए हाउसिंग बोर्ड द्वारा जमा किया गया है। रजिस्ट्री के ढाई साल तक छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को सेंट्रल जेल के समीप पोल्ट्री फार्म की जमीन की एनओसी नहीं मिल पाया था।

इस जमीन के एवज में पोल्ट्री फार्म के लिए पशुपालन विभाग की सहमति से उन्हें अंजोरा में 27 एकड़ जमीन प्रदान की गई। हालांकि पशुपालन विभाग द्वारा कुछ आपत्तियां दर्ज की गई थी, जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा सकारात्मक प्रभाव करते हुए समाधान का प्रयास किया गया। इसके बाद प्रस्ताव पर अंतिम मुहर कैबिनेट में लगेगी।

और बढ़ाए गए 120 सरकारी आवास

प्रोजेक्ट में कलेक्ट्रेट के पीछे कंपोजिट बिल्डिंग, 216 सरकारी आवास, ऑक्सीजन जोन का प्रावधान किया गया था । स्थानीय प्रशासन तथा दोनों विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में यह तय किया गया कि वासन की संख्या 120 और बढ़ाया जाए। इस तरह प्रोजेक्ट में कल सरकारी आवासों की संख्या 336 कर दी गई।

युवकों का अपहरण कर पहले घुमाया, फिर लूटा

भिलाईनगर। सुपेला थाना अंतर्गत बालोद के दो युवकों का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर करीब पांच घंटे तक शहर में घुमाया और मारपीट और डकैती की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने पीड़ितों से कैश, मोबाइल, चांदी के जेवर और एक्टिवा को लूट ली, साथ ही पेटीएम से भी जबरन पैसे ट्रांसफर कराए। इसके बाद चाकू की नोंक पर दोनों युवकों का कबूलनामा रिकार्ड कराया, जिसमें उनसे जबरन यह कहलवाया गया कि वे एक्टिवा चोरी कर बेचने आए थे। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में एक्शन लेकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि करण कुमार कुर्रे, निवासी शिक्षक कॉलोनी, डौंडी (जिला बालोद) ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 2 जुलाई की रात वह अपने रिश्तेदार के साथ दुर्ग- भिलाई घूमने आया था । प्रातः लगभग 4.30 बजे गदा चौक स्थित पुरानी शराब भट्ठी के पास एक्टिवा खराब होने पर ठीक कराने के बारे में पूछने पर दो युवकों ने एक्टिवा को खरीदने की बात कही। कागजात नहीं होने पर उन्होंने अपने अन्य साथियों को बुला लिया और दोनों युवकों पर एक्टिवा चोरी की होने का आरोप लगाकर जबरन अपने साथ ले गए।

आरोप है कि आरोपियों ने सेक्टर-6 साईं मंदिर के पास ले जाकर दोनों के साथ मारपीट की। इस दौरान तीन चांदी की अंगूठियां, चांदी का ब्रेसलेट, दो मोबाइल फोन, 5 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, इलेक्ट्रिकल उपकरणों से भरा बैग और बिना नंबर की एक्टिवा स्कूटी छीन ली। इतना ही नहीं आरोपियों ने मोबाइल का पिन पूछकर पीड़ित के पेटीएम खाते का बैलेंस देखा और क्यूआर कोड के जरिए 18, 180 रुपये भी जबरन ट्रांसफर करा लिए।

इस मामले में सुपेला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा आरोपियों के खिलाफ धारा 140 एवं 310 ( 2 ) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपहरण, डकैती और लूट का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रार्थी से पहचान कराकर 2 आरोपियों सोहेल खान (19 वर्ष) निवासी शीतला मंदिर के पास इंद्रा नगर सुपेला और पंकज विश्वकर्मा (18 वर्ष) निवासी गदा चौक सुपेला एवं 4 नाबालिग को गिरफ्तार किया है। प्रकरण के 2 अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

बीएसपी के रिटायर्ड कार्मिक 10 अगस्त तक करा सकेंगे सेल मेडिक्लेम स्कीम का नवीनीकरण

भिलाईनगर। बीएसपी के रिटायर्ड कार्मिकों के लिए सेल मेडिक्लेम पालिसी की प्रीमियम दरों को जारी कर दिया गया है। यह पालिसी 11 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी। 10 अगस्त तक पालिसी का नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

मेसर्स न्यू इंडिया एश्युरेंस कम्पनी लि. (एनआईए) के साथ अनुबंध किया गया है। हास्पिटलाइज (आईपीडी) होने पर प्रति मेंबर 4 लाख रु. तक रिएंबर्समेंट कराया जा सकेगा। जारी नई पालिसी के अनुसार ओपीडी कवरेज प्रति मेंबर 70 वर्ष तक आयु वालों के लिए 4000रु., ओपीडी कवरेज 70 से 80 वर्ष की आयु वालों के लिए प्रति मेंबर 8000 रु. तथा 80 वर्ष व इससे ऊपर वालों के लिए प्रति मेंबर 16000 रु. है।

जर्जर वाम्बे, रैश्ने व अटल आवास खाली कराने के आदेश, मिलेंगे नए मकान

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर के वाम्बे आवास, रैश्ने आवास और अटल आवास में बने जर्जर भवनों को खाली कराने का निर्णय लिया है। इन भवनों को भवन अधिकारी के निरीक्षण के बाद नगर पालिक अधिनियम 1956 की धारा 310 के तहत अत्यंत जर्जर, भयप्रद और असुरक्षित घोषित कर कंडम कर दिया है।

आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने 02 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा है कि उक्त आवासों में निवासरत परिवारों को 15 दिन के भीतर मकान खाली कर प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास मिशन में लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नये आवास आवंटन के लिए निगम ने निवासरत परिवारों को 3 श्रेणियों में बांटा है। मूल आबंटी पूर्ण भुगतान जिन्होंने आवास का पूरा अंशदान निगम कोष में जमा कर दिया है, उन्हें पीएमएवाय के मोर मकान मोर चिन्हारी घटक में व्यवस्थापन दिया जाएगा। इन्हें केवल 75,000 रुपए अंशदान जमा करना होगा। जिन्होंने आंशिक राशि या सिर्फ पंजीयन राशि जमा की है, यदि वे शेष राशि जमा कर पूर्ण अंशदान कर देते हैं तो उन्हें भी मोर मकान मोर चिन्हारी का लाभ मिलेगा।

जो परिवार अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें मोर मकान मोर आस घटक में आवेदन देना होगा। इसके लिए लगभग 3 लाख रुपए अंशदान राशि निगम कोष में जमा कर आवास आबंटन होगा। निगम ने जोन आयुक्त के माध्यम से पहले ही प्रभावित परिवारों को सूचना पत्र जारी कर 15 दिन में आवास खाली करने को कहा है।

म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 10 गिरफ्तार

भिलाईनगर। साइबर ठगी में म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले संगठित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब तक 123 खाताधारकों पर कारवाई कर चुकी है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों का परीक्षण किया ।

जांच में पाया गया कि विभिन्न बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि प्राप्त होकर अन्य खातों में स्थानांतरित की गई। इससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि संबंधित खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, छिपाने एवं स्थानांतरित करने के उद्देश्य से किया गया। उक्त कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (2), 318(3), 318(4) बीएनएस के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर दोनों थानों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।

थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की। इसमें विवेचना के दौरान 08 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जब्त किया है। इसी प्रकार थाना छावनी में पंजीबद्ध प्रकरण में पूर्व में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी प्रेमलाल कौशिक एवं ललित कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के रिटायर्ड कार्मिकों को लाइसेंस पर आवास दें: एनके बंछोर

भिलाईनगर। सेल के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्टील एक्जीक्यूटिव फेडेरेशन आफ इंडिया के चेयरमेन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर एवं सेफी उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने सेल के सीएमडी, डॉ. अशोक पंडा एवं निदेशक (कार्मिक) केके सिंह से इस्पात भवन नई दिल्ली में चर्चा की। सेफी को आश्वासन मिला कि वर्ष 2024-25 की पीआरपी का भुगतान जल्द होगा। बंछोर ने रिटायर्ड कामिकों को लाइसेंस पर आवास देने की मांग भी उठाई।

सेफी ने सेल प्रबंधन से आग्रह किया कि डीपीई दिशानिर्देशों की सही भावना के अनुरूप मासिक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से पेंशन का अंशदान हस्तांतरित किया जाए। इसके साथ ही एनपीएस में सेल द्वारा निधि हस्तांतरण की वास्तविक तिथि 01/01/2007 से है परंतु सेल ने यह राशि अत्यधिक विलंब से प्रदान की है।

सेफी ने सेल मेडिक्लेम स्कीम में आईपीडी व ओपीडी सुविधा में आवश्यक वृद्धि के साथ-साथ कारपोरेट बफर में वृद्धि, कुछ चिकित्सा उपचारों में कैपिंग की सीमा बढ़ाने, उन्नत उपचार (जैसे रोबोटिक सर्जरी) को शामिल करने तथा मेडिक्लेम प्रीमियम को कम करने हेतु निवेदन किया ।

सीएसवीटीयू फोर्टे की पहल : महिलाओं को मिलेगा मिलेट हेल्थ फूड कार्ट

भिलाईनगर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और श्रीअन्न ( मिलेट) आधारित पोषण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की सेक्शन 8 कंपनी सीएसवीटीयू फोर्टे ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।

आरईसी नई दिल्ली के सहयोग से शुरू की गई इस योजना के तहत पहले चरण में 72 महिला स्व-सहायता समूहों को निःशुल्क ‘मिलेट हेल्थ फूड कार्ट’ उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट उत्पादों को नया बाजार भी प्राप्त होगा।

यह योजना केवल फूड कार्ट वितरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। चयनित महिला समूहों को खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, विपणन, ग्राहक प्रबंधन और व्यवसाय संचालन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय प्रशासन के सहयोग से फूड कार्ट का संचालन के लिए उपयुक्त स्थान एवं आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसी क्रम में सीएसवीटीयू फोर्टे एवं आरईसी फाउंडेशन नई दिल्ली द्वारा संचालित प्राथमिक मिलेट प्रसंस्करण इकाइयों तथा ग्रामोद्योग केंद्रों- सीएसवीटीयू परिसर दुर्ग, ग्राम खम्हरिया और रावेलीडीह के संचालन के लिए भी महिला स्व-सहायता समूहों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक पंजीकृत समूह मिलेट हेल्थ फूड कार्ट के साथ-साथ इन इकाइयों एवं ग्रामोद्योग केंद्रों के संचालन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

खाद्य संस्कृति को मिलेगी नई पहचान – डॉ. अरोरा

सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’, महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा जैसे राष्ट्रीय अभियानों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में श्रीअन्न आधारित खाद्य संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी।

पिल्ले को लात मारने वाले आटो मेकेनिक के खिलाफ जुर्म दर्ज

भिलाईनगर। स्मृति नगर क्षेत्र में बारिश से बचने के लिए ऑटो सेंटर के सामने खड़े पिल्ले को लात मारने से उसकी मौत होने का आरोप है। शिकायत के आधार पर सुपेला पुलिस ने ऑटो सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुपेला पुलिस ने बताया कि प्रार्थी हिमांशु उपाध्याय (32 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 5 जुलाई की शाम करीब 6.50 बजे वह स्मृति नगर मेन रोड पर टहल रहे थे।

इसी दौरान बारिश से बचने के लिए एक छोटा पिल्ला मां बमलेश्वरी ऑटो सेंटर के सामने आकर खड़ा हो गया। ऑटो सेंटर के संचालक ने पिल्ले को जोरदार लात मार दी। इससे वह पास में बनी पानी की टंकी में जा गिरा। करीब 30-40 सेकंड तक पानी में रहने के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ ही सेकंड में उसकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर सुपेला पुलिस ने मामले में धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

रानीतराई। पाटन थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पाटन दुलार सिंह निर्मलकर की अदालत ने मुख्य आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अपराध में सहयोग करने वाले दो अन्य आरोपियों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया है। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार पीड़िता के पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट पाटन थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी, तभी आरोपी सुखचंद ध्रुव स्वयं पीड़िता को लेकर थाना पहुंचा और अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में उसने बताया कि इस अपराध में पुरुषोत्तम यादव और तिलक निषाद ने भी उसका साथ दिया था। पीड़िता को भगाकर ले जाने में सहयोग किया था। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने मुख्य आरोपी सुखचंद ध्रुव को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा सह-आरोपी पुरुषोत्तम यादव एवं तिलक निषाद को 7-7 वर्ष कारावास सुनाई।

पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा

खैरागढ़। लगभग चार वर्ष पुराने जघन्य हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में खैरागढ़ थाना में दर्ज अपराध जंघेल उम्र 35 वर्ष निवासी ऋषि विहार, रिसाली, जिला दुर्ग के विरुद्ध अपनी पत्नी संगीता जंघेल (27) की हत्या का मामला दर्ज किया गया था। आया था कि 14 अक्टूबर 2022 को आरोपी ने खैरागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आमनेर स्थित देहानी घाट के समीप गमछे से गला घोंटकर अपनी पत्नी की हत्या निर्मम कर दी थी। इस जघन्य घटना के बाद खैरागढ़ पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर जांच करते हुए आवश्यक भौतिक साक्ष्य और गवाहों को संकलित किया तथा पर्याप्त प्रमाणों के साथ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर लोक अभियोजक ज्ञान दास बंजारे ने प्रभावी ढंग से पैरवी करते हए न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों को प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया। अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ ने अपने निर्णय में आरोपी प्रमोद कुमार जंघेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया है और सजा होने के बाद आरोपी पति को जेल भेज दिया गया है।

भूमिपूजन के तीन साल बाद भी नहीं बना सीसी रोड

डोंगरगढ़। ग्राम पंचायत मुसरा कला के आश्रित ग्राम मुसरा खुर्द के आबादी पारा, वार्ड क्रमांक 15 में सीसी सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में पूरी गली दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन वर्ष पूर्व विधायक दलेश्वर साहू के माध्यम से 25 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन किया गया था ।

विधिवत पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा भी की गई, लेकिन आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका । ग्रामीणों कि माने तो बारिश के दौरान गली में पानी भरने से हालात बदतर हो जाते हैं। मरीजों को खाट पर ले जाना पड़ता है और स्कूल जाने वाले बच्चों के कपड़े रोजाना कीचड़ से खराब हो जाते हैं। उनका आरोप है कि भूमिपूजन के बाद न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही संबंधित विभाग ने कोई पहल की।

वार्डवासी सरज पटेल ने बताया कि इस संबंध में कई बार जनपद पंचायत एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मौखिक शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों ने विधायक दलेश्वर साहू, कलेक्टर राजनांदगांव और जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो ग्रामीण कलेक्ट्रेट का घेराव कर आंदोलन करेंगे।

सरकारी कर्मचारी चला रहा कोचिंग सेंटर

छुईखदान। नगर में संचालित एक निजी स्कूल और उससे संबद्ध कोचिंग सेंटर को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि संस्थान का संचालन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से डाक विभाग में कार्यरत एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी द्वारा किया जा रहा है। जबकि दस्तावेजों में संस्थान किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज बताया जाता है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित कर्मचारी नियमित रूप से स्कूल एवं कोचिंग सेंटर की गतिविधियों में सक्रिय दिखाई देता है। विद्यार्थियों को पढ़ाने से लेकर संस्थान के संचालन संबंधी कार्यों में उसकी भूमिका होने की बात कही जा रही है। इससे यह सवाल भी है कि क्या सरकारी सेवा में रहते उठ रहा हुए उसने विभागीय नियमों के अनुरूप आवश्यक अनुमति प्राप्त की है अथवा नहीं।

इधर संस्थान की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि स्कूल और कोचिंग सेंटर एक आवासीय भवन में संचालित हो रहे हैं जहां विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त खुला परिसर खेल मैदान वाहन पार्किंग अग्निशमन व्यवस्था आपातकालीन सुरक्षा उपाय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं दिखाई नहीं देती। इसके अलावा संबंधित संस्थान के पंजीकरण मान्यता और अन्य वैधानिक स्वीकृतियों की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।

शिक्षा से जुड़े मामलों में निर्धारित मानकों और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य माना जाता है। यदि कोई संस्थान आवश्यक नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहा है या कोई सरकारी कर्मचारी सेवा नियमों के विपरीत निजी संस्थान के संचालन में संलिप्त पाया जाता है तो संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

टूटेगा गंज चौक का जर्जर भवन, उद्योग विभाग बनाएगा भवन

राजनांदगांव। शहर के पचास साल से पुराना उद्योग विभाग के जर्जर भवन को तोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उद्योग विभाग द्वारा पिछले साल ही नगरनिगम को पत्र लिखकर इस डिस्मेंटल करने कहा है । जिसके बाद नगरनिगम द्वारा राजस्व विभाग की मौजूदगी में भवन डिस्मेंटल करेगी। उद्योग विभाग का कहना है कि शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर यहां डीआईसी भवन बनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गंच चौक में तीन से चार मंजिला भवन बनाया गया है। जो वर्तमान में बेहद जर्जर हो गया है। हांलाकि नगर निगम द्वारा यहां दुकानदारों को भवन खाली करने के निर्देश दिए है। इसके बाद भी वहां कुछ व्यापारी दुकान लगा रहे है। यह जमीन उद्योग विभाग की है।

उद्योग विभाग के अधिकारी सानू वर्गीस ने बताया कि, नगर निगम को हमने पिछले साल ही इसे डिस्मेंटल करने पत्र लिखा है। उन्होने बताया कि नगरनिगम आयुक्त से इस संबंध में चर्चा हुई है। निगम प्रशासन द्वारा अब राजस्व खाली विभाग को पत्र लिखकर इसे कराने की तैयारी में है। राजस्व विभाग की मौजूदगी में भवन डिसमेंटल किया जाएगा। उन्होने बताया कि यहां तीन स्टोरी भवन बनाने की प्लानिंग की गई है।

राजस्व विभाग की है, जिम्मेदारी

गंज चौक स्थिति बिल्डिंग उद्योग विभाग के अधीन है। उद्योग विभाग ने इसे डिस्मेंटल घोषित कर दिया है। नगरनिगम ने भी वहां व्यापारियों को दुकाने खाली करने नोटिस जारी किया है। लेकिन राजस्व विभाग द्वारा विभाग की प्रक्रिया तेज होने के बाद इसे खाली कराया जाना है। नगर निगम और उद्योग इधर राजस्व विभाग द्वारा गंभीरता नही दिखाई जा रही है। अफसरों ने बताया कि डिसमेंटल के पहले राजस्व विभाग द्वारा भवन को कब्जा में लिया जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।

औषधालय और पुत्री शाला को लेकर बनेगी प्लानिंग

शहर में यातायात की बढ़ते दबाव को लेकर पुत्री शाला स्कूल भवन को पार्किंग बनाने की योजना है। गुडाखु लाइन स्थित औषधालय भवन को लेकर विगत दिनों महापौर साथ मधुसूदन यादव ने निगम अमला के निरिक्षण किया था। उन्होने अफसरों को इसे डिस्मेंटल करने की प्रक्रिया शुरू करने कहा है। माना जा रहा है कि गंज चौक के साथ दोनों जगह के जर्जर भवन तोड़े जाएंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m