चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में एक बार फिर कैप्टन के नाम पर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को समन जारी कर तलब किया है। इस कानूनी कार्रवाई के बीच कांग्रेस ने कैप्टन को लेकर अपने रुख में नरमी दिखाई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कैप्टन को पार्टी में वापस आने का खुला न्योता दे दिया है।
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले एक इंटरव्यू में कैप्टन ने भावुक होते हुए कहा था कि वे कभी कांग्रेस नहीं छोड़ते, लेकिन नेतृत्व के व्यवहार ने उन्हें मजबूर किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि मैं आज भाजपा में जरूर हूं, लेकिन कांग्रेस पार्टी को आज भी मिस करता हूं। उनके इसी बयान ने घर वापसी की चर्चाओं को हवा दी है।
बघेल बोले- पार्टी कर सकती है विचार
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापसी करना चाहते हैं, तो पार्टी इस मामले पर गंभीरता से विचार कर सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस पर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही लेगा। बघेल ने स्वीकार किया कि कैप्टन पंजाब की राजनीति के एक कद्दावर नेता हैं और उनके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि कैप्टन की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियों की भनक लगते ही ED ने सक्रियता दिखाई है, ताकि वे वापसी के फैसले पर पुनर्विचार करें।

कैप्टन कहीं नहीं जा रहे : जय इंदर कौर
इस पूरे घटनाक्रम पर कैप्टन की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने विराम लगाने की कोशिश की है। लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ED का समन कोई नई बात नहीं है, यह पहले भी आ चुका है। कैप्टन साहब कहीं नहीं जा रहे हैं कि वे भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।
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