FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच शुरू हो चुका है, लेकिन टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में ही एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मेजबानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंग्लैंड फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का जरूरी सामान चोरी होने की घटना ने आयोजन व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।

इस बार फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह इतिहास में पहली बार है जब तीन देश मिलकर फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं। हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही अमेरिका में खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा तथा यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कई विवाद सामने आ चुके हैं।

फ्लोरिडा से कैनसस सिटी ले जाया जा रहा था सामान

इंग्लैंड फुटबॉल टीम 18 जून को टेक्सास में क्रोएशिया के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी। इसके लिए टीम पिछले कुछ समय से फ्लोरिडा में अभ्यास कर रही थी। शनिवार को टीम और कोचिंग स्टाफ को कैनसस सिटी पहुंचना था, लेकिन उससे पहले ही उनके सामान की चोरी हो गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार टीम का सामान फ्लोरिडा से कैनसस सिटी भेजा जा रहा था। जब सामान निर्धारित स्थान पर पहुंचा तो उसमें से कई जरूरी वस्तुएं गायब मिलीं। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और जांच शुरू की गई।

खिलाड़ियों के जूते और अभ्यास उपकरण हुए चोरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चोरी हुए सामान में खिलाड़ियों के जूते, प्रशिक्षण के दौरान उपयोग होने वाली फुटबॉल, नेट और कोचिंग स्टाफ का जरूरी सामान शामिल था। यह सामान टीम की तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

हालांकि राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान पुलिस ने अधिकांश सामान बरामद कर लिया है। मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

पुलिस जांच जारी

स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और चोरी की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मेजबानी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद अमेरिका की मेजबानी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले भी खिलाड़ियों और अधिकारियों की एयरपोर्ट पर लंबी पूछताछ, सुरक्षा जांच और कुछ देशों के प्रशंसकों को टिकट वितरण से जुड़े विवाद चर्चा में रहे हैं।

अब इंग्लैंड टीम के सामान की चोरी की घटना ने टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि आयोजकों और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि खिलाड़ियों और टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल इंग्लैंड की टीम अपना ध्यान टूर्नामेंट के पहले मुकाबले पर केंद्रित किए हुए है, जबकि पुलिस चोरी के मामले की जांच में जुटी हुई है।