कुंदन कुमार, पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर EOU की टीमों ने एक साथ दबिश दी है। उन पर आय से 90 प्रतिशत अधिक यानी करीब 3.43 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

​तीन ठिकानों पर एक साथ EOU की दबिश

​विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने यह कार्रवाई शुरू की है। EOU की 15 सदस्यीय विशेष टीम गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पटना के खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर बने चंद्रतारा भवन पहुंची।
​डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के इस मुख्य आवास के अलावा उनके कार्यालय और बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी एक साथ छापेमारी की जा रही है। जांच टीम में शामिल अधिकारी दस्तावेजों, बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति के तमाम कागजातों को बारीकी से खंगालने में जुटे हुए हैं।

​तलाशी के दौरान मिले कैश, पार्किंग और बेसमेंट में छानबीन

​छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह अपने घर पर ही मौजूद हैं। EOU की टीम ने उनके पूरे घर को अपने कब्जे में लेकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। घर की तलाशी के दौरान अधिकारियों को कुछ नकदी भी बरामद हुई है, जिसमें 500-500 रुपये की 10 से ज्यादा गड्डियां शामिल हैं।
​हालांकि, यह कुल कैश कितनी राशि का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, क्योंकि नोटों की गिनती और जब्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, टीम द्वारा घर के बेसमेंट और पार्किंग एरिया की भी गहनता से तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी छिपी हुई संपत्ति या दस्तावेज का पता लगाया जा सके।

​आय से 90.04% अधिक संपत्ति का है मामला

​EOU के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरोपी अजय कुमार सिंह पर उनकी ज्ञात आय से 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये अधिक की संपत्ति अवैध तरीके से जुटाने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह अनुपात उनकी वैध आय से करीब 90.04%0 अधिक है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
​इस मामले को लेकर EOU थाना कांड संख्या 19/26 के तहत गत 19 अगस्त को ही प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत की जा रही है।

​तलाशी पूरी होने के बाद हो सकते हैं बड़े खुलासे

​फिलहाल पटना, कार्यालय और बेगूसराय समेत तीनों ठिकानों पर EOU की छापेमारी की कार्रवाई निरंतर जारी है। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस बेनामी संपत्तियों के कागजात, डिजिटल डिवाइस, बैंक लॉकर और निवेश से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स को जब्त करना है। तलाशी अभियान पूरी तरह संपन्न होने के बाद EOU की ओर से इस पूरे मामले में एक विस्तृत आधिकारिक खुलासा किया जाएगा, जिसमें अवैध संपत्ति के और भी कई बड़े राज सामने आने की संभावना है।