Lifestyle Desk – गर्मियों में ठंडक और ताजगी के लिए लस्सी एक लोकप्रिय विकल्प है. दही से बनी यह पारंपरिक ड्रिंक न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि पाचन को सुधारने, शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेशन बनाए रखने में भी मदद करती है. हालांकि, हर हेल्दी चीज हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो यह जरूरी नहीं है. लस्सी के साथ भी कुछ ऐसा ही है. कुछ लोगों के लिए इसका सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है, खासकर अगर इसे गलत समय या ज्यादा मात्रा में पिया जाए. आइए जानते हैं किन लोगों को लस्सी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए.

लैक्टोज इंटॉलरेंस की समस्या हो तो
सबसे पहले बात करें उन लोगों की जिन्हें लैक्टोज इंटॉलरेंस (Lactose Intolerance) की समस्या होती है. ऐसे लोगों का शरीर दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स को ठीक से पचा नहीं पाता. लस्सी पीने से उन्हें गैस, पेट दर्द, डायरिया या ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन लोगों को लस्सी से दूर रहना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए.
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम वालों को
जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की समस्या होती है, उनके लिए भी लस्सी नुकसानदेह हो सकती है. दही कुछ मामलों में पाचन को बेहतर बनाता है, लेकिन IBS के मरीजों में यह लक्षणों को बढ़ा सकता है, खासकर अगर लस्सी बहुत ठंडी हो या उसमें ज्यादा मसाले डाले गए हों.
साइनसाइटिस की शिकायत हो तो
जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी या साइनसाइटिस की शिकायत रहती है, उन्हें भी लस्सी पीने में सावधानी बरतनी चाहिए. ठंडी तासीर होने की वजह से यह बलगम को बढ़ा सकती है और परेशानी को और गंभीर बना सकती है. खासकर रात के समय लस्सी पीने से बचना चाहिए.
मोटापे की समस्या हो तो
इसके अलावा, मोटापा (Obesity) से जूझ रहे लोगों को मीठी लस्सी से दूरी बनानी चाहिए. इसमें शुगर और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है. अगर लस्सी पीनी ही है तो बिना शक्कर या नमकीन लस्सी का विकल्प बेहतर हो सकता है.
डायबिटीज हो तो
डायबिटीज के मरीजों को भी सतर्क रहना चाहिए. मीठी लस्सी ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में बिना चीनी वाली लस्सी या सीमित मात्रा में सेवन करना ही सुरक्षित है.
किडनी से जुड़ी समस्या हो तो
जिन लोगों को किडनी डिजीज (Kidney Disease) या हाई पोटैशियम की समस्या होती है, उन्हें भी लस्सी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. दही में मौजूद मिनरल्स कुछ मामलों में किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं.
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