अमित पाण्डेय, खैरागढ़। खैरागढ़ में सरकारी शराब दुकानों की अव्यवस्था, ओवर रेटिंग और नकली शराब प्रकरण को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आखिरकार आबकारी विभाग एक्शन मोड में दिखाई दिया है। नकली शराब प्रकरण में संलिप्त कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, वहीं ड्यूटी के दौरान शराब पीते पाए गए कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ओवर रेटिंग पर लगाम कसने शराब दुकान में दो आरक्षकों की तैनाती की है।
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हाल ही में खैरागढ़ की सरकारी शराब दुकान को लेकर ओवर रेटिंग, कथित गुंडागर्दी और अव्यवस्था की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। अब विभाग द्वारा अचानक की गई सख्ती को उसी बढ़ते दबाव और लगातार उठ रही शिकायतों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ओवर रेटिंग रोकने और दुकानों में व्यवस्था सुधारने के लिए देशी और विदेशी मदिरा दुकान खैरागढ़ में दो आरक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा जिला उड़नदस्ता टीम में एक आरक्षक और रात्रि गश्त के लिए कंट्रोल रूम में तीन आरक्षकों को लगाया गया है। आबकारी विभाग ने मदिरा दुकानों के औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी आबकारी उपनिरीक्षक जीवेश मिश्रा को सौंपी है, जो जिला आबकारी अधिकारी के साथ लगातार निरीक्षण करेंगे।
विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि दुकानों में स्टाफ की कमी की समस्या बनी हुई थी। इसे देखते हुए प्लेसमेंट एजेंसी को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं वृत प्रभारियों को आबकारी अधिनियम के तहत अधिक से अधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई का सबसे बड़ा उदाहरण जालबांधा कम्पोजिट मदिरा दुकान में सामने आया, जहां 1 लाख 24 हजार 450 रुपये की घटती पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों से तत्काल रिकवरी कराई गई। साथ ही एसआईएस प्लेसमेंट एजेंसी को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।आबकारी विभाग का दावा है कि जिले की सभी शराब दुकानों में पर्याप्त मात्रा में शराब उपलब्ध कराने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
विभाग ने सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक दुकानों के आसपास नियमित गश्त के निर्देश भी जारी किए हैं। हालांकि अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई स्थायी सुधार की शुरुआत है या फिर बढ़ते विवादों के बीच सिर्फ तात्कालिक सख्ती? क्योंकि खैरागढ़ में लोग अब सिर्फ बयान नहीं, जमीनी बदलाव देखना चाहते हैं।
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