कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। PM मोदी द्वारा वर्तमान हालातों को देखते हुए देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और PM मोदी के आर्थिक सलाहकार डॉ गौरव वल्लभ आमने सामने आ गए है। डॉ वल्लभ ने दिग्विजय को लेकर कड़ा और सख्त बयान दिया है।
आप सोना मत खरीदो
दरअसल ग्वालियर में दिग्विजय सिंह ने PM मोदी की सोने की खरीदी न करने की अपील पर बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी ने अभी अपने भाषण में विचार रखे हैं। हमसे उम्मीद की जा रही है कि आप अपनी शादी में, फंक्शन में, आयोजनों में सोना खरीदना बंद कर दें। अब आप समझिए कि भारत में जो परंपराएं हैं, जो चढ़ावा देना पड़ता है और चढ़ावा आता है, हर कोई अपने कार्यक्रम में चाहे दो ग्राम हो, चार ग्राम हो, पांच ग्राम हो, गरीब से गरीब आदमी भी उसके लिए खरीद करता है। लेकिन उन्होंने कहा कि आप सोना मत खरीदो।
पूरे देश के सुनार और कारीगर परेशान
एक तरफ तो हम लोगों को मना किया जा रहा है कि आप सोना मत खरीदिए। लेकिन केंद्र सरकार ने जो सोने के आयात पर छह परसेंट ड्यूटी थी, उसको परसेंट कर दिया और उसके बाद बड़ी मात्रा में सरकार सोना खरीद रही है। हमसे कहा जा रहा है कि आप सोना मत खरीदिए। फिर सरकार तो खरीद रही है। इस बात को लेकर आज पूरे देश के सुनार परेशान हैं। उनका तो धंधा ही चौपट हो गया है और केवल सुनार ही नहीं सुनार के कारीगर भी। वे आज इस महंगाई में कैसे जीवित रहेंगे।
एजेंडा वाला माइंडसेट लेकर चलते
दिग्विजय सिंह के इस बयान पर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ गौरव वल्लभ की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ग्वालियर में उन्होंने कहा है कि दिग्विजय अपनी तुलना रिजर्व बैंक से करना चाहते हैं क्या?, रिजर्व बैंक तो नोट भी प्रिंट करती है क्या दिग्विजय सिंह कर सकते हैं क्या? इतने समझदार व्यक्ति इतने एक्सपीरियंस के व्यक्ति इतना गवर्नेंस का जिनको आईडिया हो वह ऐसी बात करते हैं इसका मतलब है कि यह एजेंडा वाला माइंडसेट लेकर चलते है,उसको क्रश करना है।
आर्थिक हालत ठीक करने के लिए सोना खरीदता है
वह अपनी तुलना रिजर्व बैंक आफ इंडिया से कर रहे हैं। सब को पता होना चाहिए कि रिजर्व बैंक आफ इंडिया देश में फाइनेंशियल स्टेबलाइजेशन के लिए है देश में आर्थिक हालत ठीक करने के लिए सोना खरीदता है। क्या वह अपनी तुलना उससे कर रहे हैं। रिजर्व बैंक तो यह भी कहता है कि मैं धारक को ₹500 देने का वचन देता हूं, क्या दिग्विजय सिंह लिख कर दे सकते हैं। वह बहुत समझदार व्यक्ति हैं मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं लेकिन वह एजेंडा में फंसे हुए हैं।

