हेमंत शर्मा, इंदौर। प्रतिष्ठित होलकर साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप के नाम पर बड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि कॉलेज की जानकारी में ही पूरी गड़बड़ी को अंजाम दिया जा रहा है। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज से तीन बार फेल हो चुका छात्र सौरभ शर्मा कथित इंटर्नशिप कंपनी “इन्फ्लूक्स” का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बना हुआ है। वहीं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के प्लेसमेंट अधिकारी अवनीश व्यास इस कंपनी में डायरेक्टर की भूमिका में बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे मामले पर और भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
MOU के जरिए एंट्री, फिर शुरू हुआ खेल
जानकारी के मुताबिक, इन्फ्लूक्स नाम की इस कंपनी ने करीब एक साल पहले होलकर कॉलेज के साथ एक MOU साइन किया था। इसके बाद कॉलेज में इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से जुड़ा पूरा सिस्टम इसी कंपनी के जरिए चलाया जाने लगा। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं।
निजी खातों में जमा करवाई जा रही फीस
छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के नाम पर उनसे फीस ली गई, लेकिन यह रकम कॉलेज या किसी आधिकारिक खाते में जमा न होकर निजी खातों में ट्रांसफर करवाई गई। इससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों ने क्यूंआर कोड के स्क्रीन शॉट भी उपलब्ध करवाए है।
सर्टिफिकेट में भी गड़बड़ी का आरोप
मामले में एक और बड़ा खुलासा यह है कि इंटर्नशिप “इन्फ्लूक्स” कंपनी के नाम से करवाई जा रही है, लेकिन सर्टिफिकेट किसी दूसरे नाम से जारी किए जा रहे हैं। छात्रों ने ऐसे सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे गड़बड़ी के आरोप और मजबूत हो रहे हैं।
सरकारी पद पर रहते हुए कंपनी संचालन
सबसे गंभीर आरोप DAVV के प्लेसमेंट अधिकारी अवनीश व्यास पर लगे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी पद पर रहते हुए वे इस निजी कंपनी को संचालित कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है और हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला बनता है।
छात्रों पर दबाव के आरोप
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि सौरभ शर्मा, जो खुद तीन बार फेल हो चुका है, अब इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों का भविष्य बनाने का दावा कर रहा है। साथ ही छात्रों पर दबाव डालकर इंटर्नशिप कराने के आरोप भी सामने आए हैं। कॉलेज प्रबंधन चुप, प्रिंसिपल ने नहीं उठाया फोन
जब पूरे मामले को लेकर कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो अनामिका जैन (प्रिंसिपल) से संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे प्रबंधन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। साथ ही देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के अवनीश व्यास को भी कॉल किया पर उन्होंने भी कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
आरोपों पर क्या बोले सौरभ शर्मा?
मामले में सौरभ शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पहले भी शिकायत हुई थी, जिसकी जांच में कुछ नहीं निकला। उन्होंने यह भी माना कि फर्स्ट ईयर के छात्रों को अब तक सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं, जबकि थर्ड सेमेस्टर के छात्रों को सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।
जांच हुई तो खुल सकते हैं बड़े राज
छात्रों का कहना है कि यदि पूरे इंटर्नशिप कोटे और वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। यहां तक कि कॉलेज के अकाउंट सेक्शन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। फिलहाल मामला गंभीर आरोपों और सवालों के बीच घिरा हुआ है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो यह इंदौर के शिक्षा तंत्र से जुड़ा एक बड़ा खुलासा साबित हो सकता है।

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